Israel US Iran War : कपड़ा कारोबार में उछाल ; यार्न, केमिकल, पैकिंग मैटीरियल हुआ महंगा,नई बुकिंग पर दिखेगा बड़ा असर

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

नीरज मिश्र/लखनऊ, अमृत विचार: ईरान, इजराइल, अमेरिका के युद्ध का असर कपड़ा बाजार पर दिख रहा है। धागा (यार्न), केमिकल, प्रोसेस हाउस और पैकिंग मैटीरियल की कीमतों में हुई वृद्धि ने कपड़ा महंगा कर दिया है। कारोबारियों की मानें माल मंगाने के लिए जो नई बुकिंग कंपनियों से की जा रही है उनकी कीमतों में इजाफा कर दिया गया है। जिन शोरूम में पुराना माल स्टॉक में मौजूद है वहां अभी दो-चार दिन ग्राहकों को खरीदारी में राहत मिल सकती है।

करीब दस प्रतिशत से 12 फीसद तक की तेजी है। शादी-ब्याह के मौके पर लहंगा हो या फिर शेरवानी शूट से लेकर काटन तक के कपडे़, सभी में तेजी दर्ज की गई है। महंगाई की मार से ब्रांडेड और नान ब्रांडेड आइटम भी अछूते नहीं हैं।

बोले कारोबारी-सहालग चल रही है। पुरुष परिधानों में शेरवानी, कुर्ता-पायजामा, लेनिन के सूट की डिमांड होती है। इन दोनों के आइटम में बड़ा अंतर आने जा रहा है। अभी रेट नहीं खुले हैं। नई बुकिंग में 10 से 12 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी तय है। कॉटन कपड़ों में तो 15 फीसद तक वृद्धि की संभावना है। यार्न, केमिकल, प्रोसेस हाउस और पैकिंग मैटीरियल की कीमतों में तेजी आई है।

अशोक मोतियानी, अध्यक्ष उप्र. उद्योग कपड़ा व्यापार प्रतिनिधि मंडल

साड़ी, लहंगा, कॉटन की साड़ियां समेत ब्रांडेड आइटम में नई बुकिंग के साथ बढ़ोत्तरी होना तय है। जो आर्डर कंपनियों को अब भेजे जाएंगे उनमें 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हो गई है। कंपनियों ने बढ़ी कीमतों पर ही माल देने की बात कही है। और तो और पर्दा जैसी आमजनमानस के लिए इस्तेमाल होने वाली चीजों में बढ़ोत्तरी हो गई है। नई बुकिंग के बाद स्थिति साफ हो जाएगी।

प्रभू जालान, कपड़ा कारोबारी, उपाध्यक्ष लखनऊ व्यापार मंडल

पॉलिस्टर यार्न महंगा होने से लहंगा और महंगा हो गया है। कढ़ाई, विशेष तरह की बुनाई का काम समेत सभी चीजों की कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है। सहालग में साड़ी और लहंगा कम से कम दस से 15 फीसद महंगा हो जाएगा। इंब्राडरी और बनारसी साड़ियां घनी बुनाई की वजह से और महंगी होंगी। नई बुकिंग के बाद कीमतें चढ़ना तय है।

उत्तम कपूर, साड़ी और लहंगा कारोबारी

कॉटन कपड़ों पर बीस प्रतिशत का इजाफा

गांव-देहात और कस्बों में सर्वाधिक बिकने वाले सूती कपड़े मसलन पापलीन, मारकीन, लट्ठा जैसे गरीब-गुरबों के वस्त्र भी खासे महंगे हो जाएंगे।

कपड़ा पहले अब (रेट रुपये प्रति पीस में)
लेनिन कपड़ा 2000 2300
कपड़ा शर्ट काटन 850 1000
काटन पैंट 850 950
कुर्ता-पायजामा 1000 1200
पठानी सूट 1200 1500
शेरवानी 12000 14000
एंडो वेस्टर्न 8000 9500
शेरवानी पोलो पैंट सिरक 8500 10000
पॉपलीन 60 से 75 85 से 90
सन्फ्राइज 60 से 65 75 से 80
मारकीन 35 से 40 45 से 50
ये भी पढ़ें : 
यूपी सरकार की पहल, प्रदेश में 500 साइबर फॉरेंसिक वारियर तैयार, डीपफेक, एआई फिशिंग और हैकिंग से निपटने की क्षमता

 

संबंधित समाचार