यूपी में एक्सप्रेसवे पर सफर करना हुआ महंगा, नई टोल दरें लागू, जानिए कितनी ढीली होगी जेब?
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रमुख एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए टोल दरों में संशोधन कर दिया गया है। एक अप्रैल 2025 से नई दरें लागू हो गई हैं, जिनमें अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए टोल शुल्क निर्धारित किया गया है। यह संशोधित दरें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे तथा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर लागू होंगी।
जारी दरों के अनुसार, दोपहिया, थ्री-व्हीलर और हल्के पंजीकृत वाहनों के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 330 रुपये, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 350 रुपये, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर 315 रुपये और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर 140 रुपये टोल निर्धारित किया गया है वहीं कार, जीप, वैन जैसे हल्के मोटर वाहनों के लिए यह दर क्रमशः 665, 700, 635 और 285 रुपये तय की गई है। हल्के व्यावसायिक वाहन, मिनी बस और हल्के माल वाहनों के लिए आगरा-लखनऊ पर 1045 रुपये, पूर्वांचल पर 1105 रुपये, बुंदेलखंड पर 1000 रुपये और गोरखपुर लिंक पर 440 रुपये टोल देना होगा। बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए यह शुल्क क्रमशः 2100, 2225, 2010 और 840 रुपये निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा, 3 से 6 एक्सल वाले भारी निर्माण उपकरण और मल्टी-एक्सल वाहनों के लिए आगरा-लखनऊ पर 3225 रुपये, पूर्वांचल पर 3420 रुपये, बुंदेलखंड पर 3085 रुपये और गोरखपुर लिंक पर 1335 रुपये टोल तय किया गया है। वहीं 7 या उससे अधिक एक्सल वाले ओवरसाइज वाहनों के लिए यह दरें 4145, 4385, 3965 और 1745 रुपये रखी गई हैं।
अधिकारियों के अनुसार, यह दरें एक्सप्रेसवे पर पहले टोल प्लाजा से अंतिम टोल प्लाजा तक की पूरी दूरी तय करने पर लागू होंगी। नई दरों के लागू होने के बाद यात्रियों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि टोल दरों में यह संशोधन एक्सप्रेसवे के रखरखाव, संचालन और बेहतर सुविधाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। लांकि, बढ़ी हुई दरों से आम यात्रियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की लागत में कुछ बढ़ोतरी भी देखने को मिल सकती है।
