Pilibhit: 38 खातों में संदिग्ध लेनदेन उजागर, फ्रीज कराई 3.87 करोड़ से अधिक धनराशि
पीलीभीत, अमृत विचार। जिम्मेदारों की शह पर डीआईओएस कार्यालय में नियम विरुद्ध तरीके से बाबूगिरी कर रहे चपरासी इल्हाम उर्रहमान शम्सी द्वारा किए गए सरकारी धन के गबन के मामले में पुलिस की ओर से बड़ा एक्शन लिया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने 38 संदिग्ध खातों में 3.87 करोड़ से अधिक का लेनदेन पकड़ा। ऐसे में कार्रवाई करते हुए फिलहाल धनराशि फ्रीज करा दी गई है। पुलिस मासमले को गंभीरता से लेते हुए अग्रिम विधिक कार्यवाही में जुट गई है। ऐसे में अब लंबे समय से मामले को दबाने की चर्चाओं पर भी विराम लगा। वहीं, कईयों की गर्दन फंसती दिखाई दे रही है।
बता दें कि बीसलपुर के जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज में चपरासी पद पर तैनात इल्हाम उर्रहमान शम्सी पर विभागीय अधिकारी सालों मेहरबान रहे। उसे मूल पद पर काम कराने के बजाय डीआईओएस दफ्तर में अटैचमेंट के नाम पर बाबूगिरी कराई जाती रही। इसकी कई शिकायतें हुई लेकिन उसको ठंडे बस्ते में डाल दिया गया या फिर मामले में एक्शन नहीं लिया। बीते दिनों एक मामला बैंक के अधिकारियों के द्वारा पकड़ा गया। इल्हाम उर्रहमान शम्सी की पत्नी अर्शी खातून के खाते में 12 सितंबर 2024 से कुल 98 ट्रांजेक्शन में एक करोड़ से अधिक की रकम स्थानांतरित की गई थी। जिस पर उसका खाता फ्रीज कर दिया गया था।
ये रकम डीआईओएस कार्यालय के शिक्षक मद से स्थानांतरित हुई थरी। जिसे फर्जीव कूटरचित तरीके से वेतन मद से बेनिफिशियरी गलत तरीके से बनाकर ट्रेजरी के माध्यम से एनईएफटी के द्वारा आहरण एवं वितरण कर गबन किया गया था। इल्हाम चपरासी होने के बावजूद डीआईओएस कार्यालय में बाबूगिरी करते हुए वेतन बिल और टोकन जनरेशन का काम सालों से संभालता रहा। उसके व पत्नी अर्शी के खिलाफ 13 फरवरी को डीआईओएस राजीव कुमार की ओर से एफआईआर कराई गई।
पत्नी को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था, जबकि इल्हाम को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई। दर्ज की गई रिपोर्ट की विवेचना कराई जा रही है। इसमें अब पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और अब तक 38 खताों में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन चिन्हित किया जा चुका है। इन खातों में 38702568 (तीन करोड़ सतासी लाख दो हजार पांच सौ अठसठ ) रुपये की धनराशि को फ्रीज कराते हुए कार्रवाई तेज कर दी गई है।
जेएफएम इंफ्राहोम को 90 तो ओरिका होम्स बरेली के खाते में भेजे 17.18 लाख
पुलिस की विवेचना में ये भी सामने आया है कि इल्हाम उर्रहमान शम्सी द्वारा अपने रिश्तेदार व पत्नी के खाते से जेएचएम इंफ्राहोम प्राइवेट लिमिटेड बरेली के खाते में 90 लाख और ओरिका होम्स बिल्डर बरेली के खाते में 17.18 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। यह तथ्य भी पुलिस के सामने आए हैं। इसे लेकर अग्रिम कार्रवाई चल रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकारी धनराशि का गबन करते हुए इल्हाम उर्रहमान शम्सी ने प्रापर्टी में भी काफी रकम ठिकाने लगाई।
नोटिस किए जारी, रकम से की छेड़छाड़ तो कार्रवाई
एसपी सुकीर्ति माधव, जिन खातों में पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान संदिग्ध लेनदेन पकड़ा गया है। उनकी रकम फ्रीज कराने के साथ ही संबंधित खाता धारकों को विवेचक की ओर से नोटिस भेजे गए हैं। जिसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि अगर खाते में आई रकम से छेड़छाड़ की गई तो सख्त काननूी कार्रवाई तय है। इसी के तहत खाते में आई रकम के संबंध में भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई कराई जा रही है।
