जेम पोर्टल पर यूपी अव्वल, बना देश का रोल मॉडल
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सरकारी खरीद में पारदर्शिता का नया मानक स्थापित किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में जेम के माध्यम से 22,337 करोड़ रुपये की खरीद कर यूपी देश में शीर्ष स्थान पर रहा है। भारत सरकार ने भी यूपी की इस पारदर्शी खरीद प्रणाली की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया है।
खास बात यह है कि प्रदेश के अधिकांश विभागों ने अपनी खरीद जेम पोर्टल के जरिए सुनिश्चित की, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनी। प्रदेश में नगर विकास विभाग ने सबसे अधिक 3606 करोड़ रुपये की खरीद कर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा (2973 करोड़), चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (2498 करोड़) और गृह विभाग (1852 करोड़) प्रमुख रहे। राष्ट्रीय स्तर पर भी यूपी ने गुजरात (14,009 करोड़), महाराष्ट्र (6113 करोड़), दिल्ली (4278 करोड़) और छत्तीसगढ़ (3935 करोड़) जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया। जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद ने केवल पारदर्शिता ही नहीं बढ़ाई, बल्कि छोटे उद्यमियों, स्टार्टअप और वंचित वर्गों को भी बाजार से जोड़ने का काम किया है। महिला उद्यमियों से खरीद 467 करोड़ (2020-21) से बढ़कर 4755 करोड़ (वर्ष 2025-26) तक पहुंच गई। वहीं एससी/एसटी उद्यमियों से खरीद 54 करोड़ से बढ़कर 752 करोड़ हो गई। स्टार्टअप से खरीद भी 261 करोड़ से बढ़कर 3203 करोड़ रुपये तक पहुंची, जबकि एमएसएमई इकाइयों से खरीद 3978 करोड़ से बढ़कर 27,235 करोड़ रुपये हो गई। इससे प्रदेश में स्थानीय उद्यमों को बड़ा प्रोत्साहन मिला है।
विक्रेताओं के कारोबार में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी
जेम पोर्टल के जरिए यूपी के विक्रेताओं का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2020-21 में 5770 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में यह 42,654 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेम, कृष्ण मुरारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप सभी विभागों को जेम पोर्टल से खरीद के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
जेम खरीद में टॉप-10 राज्य (खरीद रुपये में)
उत्तर प्रदेश – 22,337 करोड़
गुजरात – 14,009 करोड़
महाराष्ट्र – 6113 करोड़
दिल्ली – 4278 करोड़
छत्तीसगढ़ – 3935 करोड़
बिहार – 3611 करोड़
मध्य प्रदेश – 2900 करोड़
जम्मू-कश्मीर – 2653 करोड़
झारखंड – 2647 करोड़
असम – 2494 करोड़
