अयोध्या के 14 उपमंदिरों में जल्द शुरू होंगे दर्शन: 300 मीटर लंबी बाउंड्रीवाल का निर्माण पूरा, हाईटेक सुरक्षा से लैस होगा राम मंदिर 

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Published By Anjali Singh
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अयोध्या, अमृत विचार। राम जन्मभूमि परिसर में बने संपूर्ण उप मंदिरों को दर्शनार्थियों के लिए खोले जाने का इंतजार समाप्त होने जा रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक इसी माह से दर्शन की नई प्रणाली लागू होगी। आज शुक्रवार से शुरू हो रही मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक में मार्ग को खोले जाने और दर्शन व्यवस्था की नई प्रणाली लागू किए जाने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हालांकि इसके पहले राम नवमी से दर्शन प्रारंभ होने थे, लेकिन सुरक्षा एजेंसी के द्वारा एनओसी नहीं दी गई थी।

श्री राम मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भूतल में विराजमान रामलला, प्रथम तल पर राम दरबार में दर्शन होने के बाद परकोटा कॉरिडोर और उसमें स्थापित भगवान गणेश, हनुमानजी, भगवान सूर्य, माता भगवती, मां अन्नपूर्णा देवी, भगवान शिव के दर्शन प्राप्त के बाद परकोटा के बाहर शेषावतार मंदिर, महर्षि अगस्त्य, महर्षि बाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि वशिष्ठ, शबरी, निषादराज व अहिल्या देवी के बाद अंत में कुबेर टीला पर कुबेश्वर महादेव, जटायु और अंगद टीला पर गिलहरी की प्रतिमा को देखने का अवसर प्राप्त होगा। इसके लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट विशेष सॉफ्टवेयर को तैयार किया है। जिसके तहत भक्तों सुरक्षा कोड युक्त पास जारी किया जाएगा। प्रारंभ में यह संख्या सीमित रखी जाएगी।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय के मुताबिक इसके लिए सिर्फ ट्रस्ट ही नहीं बल्कि सीआरपीएफ, एसपी सुरक्षा और मजिस्ट्रेट की भी सहमति चाहिए। राम मंदिर ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल जी राव ने बताया कि इसी महीने में ही दर्शन व्यवस्था लागू किए जाने पर विचार किया जा रहा है। जिसके लिए जल्द ही ऑनलाइन पास बनाने की बुकिंग भी प्रारंभ हो जाएगी।

राम मंदिर में बाउंड्रीवाल का निर्माण पूरा

राम मंदिर परिसर के 3.5 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जा रहा है। जिसके पहले चरण में मंदिर के उत्तरी दिशा में लगभग 300 मीटर लंबी दीवार का कार्य पूर्ण कर लिया गया हैं। जहां एक वाच टॉवर भी तैयार कर लिया गया हैं राम मंदिर परिसर के 70 एकड़ के बाउंड्री वॉल को सुरक्षा के लिए 14 फिट ऊंची और लगभग 3.5 किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवाल का निर्माण किया जा रहा है। जो हाईटेक सुरक्षा से लैस होगी। जिसमे बुलेट प्रूफ मोर्चा और गश्त करते हुए सुरक्षाकर्मी भी दिखाई देंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस दीवार निर्माण की जिम्मेदारी भारत सरकार की रक्षा मंत्रालय के उपक्रम इंजीनियरिंग इंडिया लिमिटेड को सौंपी है।

हाईटेक सुरक्षा से लैस होगी 3.5 किमी. लंबी दीवार

निर्माण परियोजना प्रबंधक दुर्गेश वर्मा के मुताबिक सेंसर युक्त आधुनिक सुरक्षा प्रणाली से लैस करीब 3.5 किलोमीटर दीवार का निर्माण प्रस्तावित है। जिसमें करीब 300 मीटर दीवार का निर्माण पूरा हो गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि राम जन्मभूमि के पूरे परिसर में अभी तक लोहे की फेंसिंग की बाउंड्री लगी है। भव्य मंदिर बनकर तैयार हो रहा है तो उसके बाउंड्री वॉल का भी निर्माण आवश्यक है, पूरे मंदिर परिसर की साढे तीन किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जा रहा है।

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