Bareilly : सिस्टम सोता रहा, बेटियों के मैदान पर कब्जा होता रहा
रात के अंधेर में जमीन के चारों ओर बनाई जाती थी दीवार
बरेली, अमृत विचार। वैसे तो स्मार्ट सिटी का दिल कहे जाने वाला सिविल लाइंस रात में भी जागता है मगर मैथोडिस्ट गर्ल्स कॉलेज के बेशकीमत खेल मैदान पर कब्जे के समय किसी की नींद नहीं टूटी थी। सिस्टम ने आंखें मूंद रखीं थी और षड्यंत्र में शामिल लोगों ने रात-रात भर जागकर ''''मिशन कब्जा'''' पूरा किया था। मैदान के सबसे कीमती हिस्से को अनयूज्ड बताकर चारों ओर लाल दीवार खड़ी की गई थी। मामला अखबार और सोशल मीडिया की सुर्खियां बना था लेकिन तुरंत ही लिखित शिकायत को कोई आगे नहीं आया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खेल मैदान के एक बड़े हिस्से पर चारों ओर चाहरदीवारी खड़ी कर गेट लगाने तक अवैध कब्जे में शामिल कुछ प्रभावशाली लोग हर समय निगरानी में जुटे रहे थे। कुछ तो दिन में कचहरी और कलेक्ट्रेट में मुस्तैद भी दिखते थे। कथित रूप से मौके पर फर्जी वर्दीधारी भी जुटाए जाते थे। बाद में मामले की शिकायत शिक्षा मंत्री गुलाबो देवी से हुई और लिखित शिकायत उच्चाधिकारियों पहुंची। तत्कालीन मंडलायुक्त सोम्या अग्रवाल ने प्रकरण को गंभीरता से लेकर तुरंत ही वरिष्ठ अधिकारियों की जांच कमेटी गठित कर दी थी। कमेटी ने जैसे-जैसे छानबीन आगे बढ़ाई, षड्यंत्र की परतें खुलती रहीं। चर्चा ये भी है कि बेशकीमती जमीन को आगे बेचने की तैयारी चल रही थी मगर आर्थिक गणित बहुत मोटा होने की वजह से बड़ा खरीददार नहीं मिल पा रहा था। दूसरा, जांच की आंच के डर से सौदेबाजी का खेल अटकता चला आ रहा था।
आरोपी सुनील मसीह बोले, कुछ गलत नहीं हुआ
मैथोडिस्ट मामले में आरोपी बनाए गए संस्था से जुड़े सुनील मसीह ने विवाद पर अपना बयान दिया है। उनका कहना है कि जमीन को सभी तरह की प्रक्रिया कर करके दिया गया है। कमेटी ने हर मानक को पूरा किया है। यदि वहां पर कोई डवलपमेंट प्रोजेक्ट बन रहा है तो इसमें बुराई क्या है। स्कूल भी मैथोडिस्ट चर्च के अंदर आता है।वहां की जमीन भी मैथोडिस्ट चर्च की है। यह सब हमें परेशान करने के लिए किया जा रहा है।
कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इस मामले में जांच के बाद रिपोर्ट हुई है। मामले में साक्ष्य के हिसाब से आगे भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। -एसपी सिटी, मानुष पारीक।
