सोशल मीडिया पर हथियारों के वीडियो से उकसावे का नेटवर्क बेनकाब, दो गिरफ्तार

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से हथियारों का प्रदर्शन कर युवाओं को हिंसात्मक गतिविधियों के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस प्रकरण में आरोपी उवैद मलिक और जलाल हैदर उर्फ समीर जाफरी को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि विदेश में रह रहे तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। 

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने शुक्रवार को बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें आकिब नामक युवक शस्त्रों का प्रदर्शन करता दिख रहा था। यह वीडियो मजीद द्वारा अपने प्रोफाइल पर पोस्ट किया गया था। 

इस मामले में थाना नागल, बिजनौर में आकिब माजुल और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया कि वीडियो में कुल चार लोग आकिब, माजुल, आजाद और उबैर मलिक शामिल थे। इनमें से माजुल दक्षिण अफ्रीका, जबकि आकिब और आजाद सऊदी अरब में रह रहे हैं। 

इन तीनों की गिरफ्तारी के लिए लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं। गिरफ्तार अभियुक्त उवैद मलिक ने पूछताछ में बताया कि वह कुछ समय पहले रोजगार के लिए गुजरात गया था, जहां उसकी मुलाकात जलाल हैदर उर्फ समीर से हुई। समीर के जरिए उसकी पहचान आकिब और माजुल से हुई, जो सऊदी अरब में ड्राइवर का काम करते हैं। इसके बाद वह इनके नेटवर्क से जुड़ गया। 

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को आकिब के संपर्क में लाकर उसके विचारों का प्रचार-प्रसार करते थे। जांच में पाया गया कि आकिब इंस्टाग्राम पर लाइव कट्टरपंथी और भड़काऊ सामग्री साझा करता था तथा लोगों को हिंसात्मक गतिविधियों जैसे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाता था। 

पुलिस के अनुसार, आकिब लाइव प्रसारण के दौरान एके-47 और ग्रेनेड जैसे हथियारों का प्रदर्शन कर युवाओं को प्रभावित करता था और भारत में एक संगठित गिरोह तैयार करने की कोशिश कर रहा था। वह युवाओं की भर्ती कर भविष्य में बड़े आपराधिक और देशविरोधी कृत्यों के लिए प्रेरित कर रहा था।

उन्होंने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि मेरठ में आकिब से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के बाद आजाद ने उवैद मलिक को पुलिस से बचने के लिए नेपाल भागने की सलाह दी थी, जिसकी पुष्टि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से हुई है। फिलहाल मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। 

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