बरेली: फूस की झोपड़ी में काट रहे सर्द रातें
बरेली। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल तो आज समाप्त हो जाएगा लेकिन उन गरीबों की समस्याओं का समाधान प्रधान अब तक नहीं कर सके जिनके वोट के दम पर वह गांव के प्रधान बने। प्रधानों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का शिकार गांव परधौली में अब तक कई गरीब लोग फूस की झोपड़ी में सर्द रातें काट …
बरेली। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल तो आज समाप्त हो जाएगा लेकिन उन गरीबों की समस्याओं का समाधान प्रधान अब तक नहीं कर सके जिनके वोट के दम पर वह गांव के प्रधान बने। प्रधानों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का शिकार गांव परधौली में अब तक कई गरीब लोग फूस की झोपड़ी में सर्द रातें काट रहे हैं। कई बार शिकायत भी की लेकिन उनकी आवाज पर न तो ब्लॉक और न ही जिला स्तर के अधिकारियों ने ध्यान दिया।
मझगवां ब्लॉक के गांव परधौली में ऐसा ही नजारा है। कहने को तो यहां मनरेगा और अन्य तरह के विकास कार्य हुए हैं लेकिन जमीन पर नहीं बल्कि कागजों में। गांव में अब भी एक दो नहीं बल्कि करीब एक दर्जन गरीब परिवार फूस और पन्नी की छत के नीचे रात काटने को बिवस है।
ऐसा नहीं है कि इन लोगों ने योजनाओं के तहत आवास के लिए आवेदन भी किए थे, लेकिन इनके लिए नहीं बल्कि आर्थिक रुप से समृद्ध लोगों को बंदर बांट कर आवास मुहैया करा दिए गए। शिकायतों पर जांच हुई लेकिन वहां भी लीपापोती हो गई। गांव की ओमदेवी, लक्ष्मी देवी, ब्रह्ववती, रामचंद्र समेत कई लोगों के परिवार फूस और पन्नी के नीचे परिवार सहित सर्द राते काट रहे हैं। सभी का कहना है कि वे लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं, आवास के लिए आवेदन भी किया लेकिन राजनीतिक पहुंच न होने के कारण उन्हें आवास नहीं मिल सके।
