आरोप : अवध विश्वविद्यालय में तय सीमा से अधिक शुल्क का लगा दाग

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
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अयोध्या, अमृत विचार : सरकार के स्पष्ट शासनादेश के बावजूद डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में स्नातक छात्रों से निर्धारित सीमा से अधिक परीक्षा शुल्क वसूले जाने के आरोप लगे हैं। विशेष सचिव उच्च शिक्षा गिरिजेश त्यागी ने 8 अप्रैल 2026 को पत्र जारी कर स्नातक स्तर पर परीक्षा शुल्क की अधिकतम सीमा 800 रुपये तय की थी। पत्र में स्पष्ट निर्देश था कि किसी भी दशा में इससे अधिक शुल्क न लिया जाए।

अभिभावकों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में इस आदेश का पालन नहीं हो रहा। बीए-बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों से 900 रुपये और छठे सेमेस्टर के छात्रों से 1450 रुपये परीक्षा शुल्क के नाम पर लिए जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि प्रवेश के समय ही विकास शुल्क, कंप्यूटर शुल्क जैसे अन्य मदों में भी अतिरिक्त पैसा लिया जा चुका है।

एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, सरकार ने 800 रुपये तय किए हैं, लेकिन हमसे 1450 रुपये लिए जा रहे हैं। पूछने पर कॉलेज प्रशासन प्रैक्टिकल और अन्य चार्ज का हवाला देता है। अभिभावक मजदूरी कर फीस भरते हैं। छात्र संगठनों ने इस मामले में जवाब मांगा है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की जानकारी में यह वसूली हो रही है। इस संबंध में कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने कहा विशेष सचिव का पत्र मिला है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। सभी महाविद्यालयों से फीस का विवरण मांगा गया है। यदि कहीं अधिक शुल्क लिया गया है तो उसे नियमानुसार वापस कराया जाएगा। विश्वविद्यालय शासन के आदेशों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

क्या कहते हैं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी

उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 8 अप्रैल के शासनादेश में साफ लिखा है कि 800 रुपये से अधिक परीक्षा शुल्क लेना नियम विरुद्ध है। यदि कहीं इसका उल्लंघन हो रहा है तो संबंधित विश्वविद्यालय के कुलसचिव की जिम्मेदारी है कि वह कार्रवाई करें। विशेष सचिव कार्यालय ने भी कहा है कि शिकायतों पर संज्ञान लिया गया है और रिपोर्ट तलब की गई है।

छात्रों में नाराजगी, विधार्थी परिषद का आज हल्ला बोल

लगातार फीस वृद्धि और नियमों की अनदेखी से छात्रों में भारी आक्रोश है। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द अतिरिक्त शुल्क वापस नहीं किया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे कुलपति कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।

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