आरटीई : 25 अप्रैल तक हर हाल में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश, शत-प्रतिशत नामांकन को लेकर योगी सरकार सख्त
लखनऊ, अमृत विचार: शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत गरीब बच्चों के नामांकन में धीमी प्रगति पर योगी सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 25 अप्रैल तक हर हाल में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए।
वर्ष 2026-27 के लिए आरटीई के तहत 1,95,740 बच्चों का आवंटन किया गया है, लेकिन अब तक केवल 1,08,866 बच्चों का ही प्रवेश हो सका है। इस पर सरकार ने गंभीर संज्ञान लेते हुए शेष बच्चों के दाखिले के लिए फील्ड स्तर पर तेज कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि जिन बच्चों का अभी तक नामांकन नहीं हुआ है, उनकी सूची तैयार कर तत्काल संबंधित विद्यालयों से समन्वय स्थापित किया जाए और प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराई जाए। किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। सरकार ने पूरे अभियान की सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को रोजाना प्रगति की समीक्षा करने को कहा गया है, ताकि तय समयसीमा के भीतर लक्ष्य हासिल किया जा सके।:
क्या है आरटीई प्रावधान
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहती हैं। इन सीटों पर चयनित बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी होती है।
इनसेट:
अब ऐसे होगी कार्रवाई
• लंबित बच्चों की सूची तैयार कर तत्काल प्रवेश
• स्कूलों से समन्वय बढ़ाकर प्रक्रिया तेज
• रोजाना प्रगति की समीक्षा अनिवार्य
• समयसीमा से चूकने पर जिम्मेदारी तय
