मुरादाबाद: रोडवेज बसों में टिकट जांच के दौरान होगी रिकॉडिंग
मुरादाबाद,अमृत विचार। परिवहन निगम के प्रवर्तन कार्य की पारदर्शिता बनाए रखने के मद्देनजर सभी रोडवेज बसों की टिकट जांच के लिए शासन ने नया निर्देश जारी किया है। जिसके तहत अब सभी बसों की जांच के दौरान यातायात निरीक्षकों की ओर से होने वाली कार्रवाई की रिकार्डिंग कराई जाएगी। रिकार्डिंग के लिए सचल दल के …
मुरादाबाद,अमृत विचार। परिवहन निगम के प्रवर्तन कार्य की पारदर्शिता बनाए रखने के मद्देनजर सभी रोडवेज बसों की टिकट जांच के लिए शासन ने नया निर्देश जारी किया है। जिसके तहत अब सभी बसों की जांच के दौरान यातायात निरीक्षकों की ओर से होने वाली कार्रवाई की रिकार्डिंग कराई जाएगी।
रिकार्डिंग के लिए सचल दल के निरीक्षक को बाडी वार्न कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। बिना रिकार्डिंग के कोई भी जांच अब मान्य नहीं होगी। मुरादाबाद परिक्षेत्र में वर्तमान में 700 बसें संचालित की जा रही हैं, जिसमें 330 निगम और 370 बसें अनुबंधित हैं। मंडल में दो यातायात निरीक्षक व दस सहायक यातायात निरीक्षक हैं। इनको प्रतिदिन कम से कम 25 बसों को चेक करना होता था।
अब तक यातायात निरीक्षक जगह-जगह बसों को रोक कर वाहनों की जांच करते थे। इस दौरान कुछ गड़बड़ी मिलने पर चालक व परिचालक टीम से भिड़ जाते थे। इसकी वजह से इनके विरुद्ध कार्रवाई करने में दिक्कत होती थी। इसका कोई प्रमाण नहीं होता था। इसे देखते हुए निगम ने अब सभी बसों की जांच के लिए कैमरा रिकार्डिंग अनिवार्य कर दिया है। बिना कैमरा रिकार्डिंग के कोई भी जांच मान्य नहीं होगी।
क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल जैन के अनुसार बिना टिकट यात्रियों के गंभीर प्रकृति के प्रकरण एवं ड्यूटीरत चालक, परिचालक द्वारा निरीक्षणकर्ताओं से किए गए अभद्र व्यवहार की रिकार्डिंग की सीडी बनाकर कर्मचारी के अनुशासनिक प्रकरण पत्रावली में रखी जाएगी, ताकि सुनवाई के समय सक्षम स्तर पर यथा नियुक्ति अधिकारी तथा न्यायालय आदि के समक्ष संबंधित रिकार्डिंग एवं डीसीआर साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। प्रवर्तन कार्य से संबंधित उपरोक्त अति संवेदनशील रिकार्ड (सीडी) को सुरक्षित रखने का दायित्व संबंधित नियुक्ति अधिकारी का होगा। इससे छेड़छाड़ करने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध भी कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बिना कैमरे वाली जांच मान्य नहीं होगी
क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल जैन ने बताया कि बिना बाडी वार्न कैमरा के प्रवर्तन दलों की ओर से की गई मार्ग जांच मान्य नहीं होगी। संबंधित दिवसों का डीसीआर आधारित यात्रा देयकों का भुगतान भी नहीं किया जाएगा। मुख्यालय से रैंडम आधार पर रिकार्डिंग की जांच भी की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने पर प्रवर्तन दल के कार्मिकों के विरुद्ध भी अनुशासनिक कार्यवाही की जाएगी।
अवैध सामान की सप्लाई पर होगी कार्रवाई
रोडवेज बसों में कोई भी अवैध सामान आसानी से एक शहर से दूसरे भेजना आसान हो गया है। परिचालक बिना जांचे परखे सामान ले जाने के एवज में रुपये वसूलते हैं, जबकि सामान को ले जाने से पहले जांचने के साथ ही टिकट बनाकर देने का प्रावधान है। यातायात निरीक्षकों को बाडी वार्न कैमरे मिलने के बाद अवैध सामान की भी रिकार्डिंग की जाएगी। यदि कोई आपत्तिजनक सामान मिला तो चालक-परिचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यालय से जारी फरमान के बाद बाडी वार्न कैमरों की मांग भेजी गई है। फिलहाल यातायात निरीक्षकों को मोबाइल से ही वीडियो बनाने के लिए कहा गया है। बाडी वार्न कैमरे मिलने के बाद रिकार्डिंग कर सुरक्षित रखी जाएगी। -अतुल जैन, क्षेत्रीय प्रबंधक
