बिजली संकट:छलकने लगे सब्र के पैमाने...पब्लिक सड़कों पर, नींद में अफसर

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Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। गर्मी में सुचारू बिजली आपूर्ति के दावे धड़ाम होते नजर आ रहे हैं। शहर के कई इलाकों में पावर कट की वजह से घंटों अंधेरे के हालात रहे। गर्मी में तड़पते लोग गुस्से में आ गए। हरूनगला उपकेंद्र का उपभोक्ताओं ने एक ही रात में तीन बार घेराव कर डाला। लोगों में आक्रोश देखकर पुलिस तक बुलानी पड़ गई। पवन विहार-हरूनगला उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में खराबी की वजह से संकट के हालात बने रहे।

पवन विहार बिजली उपकेंद्र की 33 केवी लाइन बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे खराब हो गई, जिससे रात नौ बजे तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इसी तरह हरूनगला उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में भी खराबी आ गई। इन खराबी के कारण गणेशपुरम, सतीपुर, लक्ष्य फीडर, हरूनगला, भरतौल, पवन विहार और क्रिस्टल कॉलोनी जैसे इलाकों में सात घंटे तक बिजली गुल रही। उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में परेशानी झेलनी पड़ी। 

साधना उपकेंद्र के साहू गोपीनाथ स्कूल के पास एक ट्रांसफार्मर में आग लगने से भी बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इस क्षेत्र में लोगों को तीन घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। महेंद्र नगर फेज दो में सुबह तीन बजे एक ट्रांसफार्मर में आग लग गई, जिसे शाम पांच बजे दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर ठीक किया जा सका। शहर के अन्य कई इलाकों में भी बृहस्पतिवार को स्थानीय फाल्ट के कारण बिजली आपूर्ति बाधित रही। इन फाल्ट के कारण कई क्षेत्रों में घंटों तक बिजली गुल रही, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।

तापमान बढ़ते ही फुकने लगे ट्रांसफार्मर-केबल
तापमान में वृद्धि के साथ जहां बिजली की खपत बढ़ी है वहीं दूसरी ओर इससे ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने के साथ केबल भी जलने लगे हैं। साधना उपकेंद्र के साहू गोपीनाथ स्कूल के पास एक ट्रांसफार्मर में आग लगने से बिजली आपूर्ति ठप हुई। ऐसे में तीन घंटे लोगों को बिजली कटौती झेलनी पड़ी। महेंद्र नगर फेज दो में सुबह तीन बजे एक ट्रांसफार्मर में आग लग गई, जिसे शाम पांच बजे दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर ठीक किया जा सका। शुक्रवार को श्यामगंज के पास बंच केबल जलकर गिर गया। इसके कारण कई इलाकों में बिजली कटौती पांच घंटे के करीब रहे। वहीं रामपुर गार्डन जैसे पॉश इलाकों में तीन से चार घंटे बिजली कटौती शुक्रवार को हुई। लोगों को हेल्पडेस्क, जेई, एसडीओ किसी ने सही जानकारी नहीं दी।

प्रभावित क्षेत्र
पुरानी सिविल लाइन, मिशन कंपाउंड, जगतपुर, महानगर, सीबीगंज, चौपाल, फूटा दरवाजा, बिहारीपुर, पंजाब पूरा, चमगादड़ वाली बगिया, नवादा शेखान, कटरा चांद खान, बालजती, आजाद नगर, बाईपास, बालाजी ढाबा, वीर सावरकर नगर, सुभाष नगर, बीडीए कॉलोनी, सर्वोदय नगर, रामनाथ की देरी और जागृति नगर जैसे कई इलाकों में भी बृहस्पतिवार को स्थानीय फाल्ट हुए। इन फाल्ट के कारण इन क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति बाधित रही। महेंद्र नगर फेज दो में ट्रांसफार्मर में आग लगने से भी लंबे समय तक बिजली गुल रही। इन सभी घटनाओं से शहर के बड़े हिस्से में बिजली संकट गहरा गया।

मेंटीनेंस की गुणवत्ता पर उठने लगे सवाल
बिजली निगम द्वारा पिछले तीन सालों से सर्दी, गर्मी व बारिश लगातार मरम्मत कार्य अलग-अलग योजनाओं से कराया जा रहा है। अधिकारी गर्मियों में निर्बाध आपूर्ति का दावा कर रहे थे, जिनकी हवा शुरुआती गर्मी में ही निकल गई है। वहीं रिवैंप, आरडीएसएस, बिजनेस प्लान, महानगर विस्तार समेत, स्मार्ट सिटी समेत अन्य योजनाओं से हुए कई करोड़ के कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

पॉवर स्मार्ट मीटर आए, मुसीबत साथ लाए
बरेली। भारी गर्मी में जब उपभोक्ता एक मिनट भी बिजली के बिन नहीं रह सकते, ऐसे समय में अगर रात-रात भर बत्ती गुल रहे तो क्या होगा ? विद्युत नियामक आयोग ने बिल जमा होने पर दो घंटे में कनेक्शन न जुड़ने पर जुर्माना लगाने की बात कही है मगर जमीनी हकीकत में ऐसा होता नहीं दिख रहा। कई कई दिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन नहीं जोड़े जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। समाधान के नाम पर बिजली दफ्तर के चक्कर लगवाए जा रहे हैं मगर अफसर अब भी बड़े-बड़े दावे कर कर रहे हैं।

आम शिकायत है कि शिकायत दर्ज कराने को हेल्पलाइन नंबरों पर फोन ही नहीं उठा रहे। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर पारदर्शिता और सुविधा के लिए लगाए गए थे, लेकिन यह व्यवस्था अब उपभोक्ताओं के लिए दोहरी मार साबित हो रही है। मार्च से अप्रैल के बीच प्रीपेड उपभोक्ताओं के रीचार्ज के बाद भी बिजली दो घंटे में न जोड़े जाने के मामले लगातार सामने आए हैं।

फूलवाग निवासी दानिश जमाल ने बताया कि उनकी घर किला बिजलीघर के अंतर्गत आता है। इस भीषड़ गर्मी में लाइट की बहुत समस्या चल रही है, मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी स्मार्ट सिटी में 24 घंटे बिजली का दावा पूरी तरह से हवा-हवाई है। अघोषित बिजली कटौती से हर आदमी परेशान है। किसी दिन लोकल फाल्ट के नाम पर तो कभी लोड अधिक के नाम पर दिन-दिन भर बिजली गुल रहती है। जिससे आम जनमानस की दिन चर्या पूरी तरह से खराब हो चुकी है। विभाग से भी कोई निराकण जाने पर नहीं निकलता है।

डीडीपुरम के आटा व्यापारी जतिन अरोरा ने बताया कि बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। किसी का ओवरलोड नहीं बढ़ रहा है तो कही पर ट्रांसफॉर्म पूरी तरह से फेल है। जिसके कारण आए दिन उसे समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्मार्ट प्रिपेड मीटर लगने के बाद से बिजली व्यवस्था और ध्वस्त हो गई है। विभागों का चक्कर काटने पर भी कोई सुनने वाला नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि उनके परिजन रात को छतों पर सोने को मजबूर हैं। बच्चे इस भीषण गर्मी में बहुत ज्यादा परेशान हो रहे हैं।

बंडिया निवासी नहीम अल्वी ने बताया कि पुराना बिजली बिल जमा करने के बाद भी उनके घर की लाइट काट दी गई। सबसे हैरानी की बात यह है कि बिजली कनेक्शन काटने के पहले एक भी मैसेज उन तक नहीं पहुंचा और सीधा बिजली गुल कर दी गई। ऐसे में अब वह पूरे परिवार के साथ गर्मी में रात काटने को मजबूर हैं। बिजली कार्यालय पहुंचने पर अफसर सही जवाब नहीं दे रहे हैं और इधर से उधर भगा रहे हैं।

पुरना शहर निवासी साजिद हुसैन ने कहा कि उनकी लाइट कट गई है। रोजाना बिजली विभाग के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। आलम यह है कि उनका पूरा परिवार परेशान है और उनका कोई सुनने वाला नहीं है। अगर इसका निराकरण नहीं होता तो इस भीषड़ गर्मी में कमाना खाना तो बहुत दूर की बात है, जिंदा रहना ही मुश्किल हो जाएगा।

अफसरों के दावे सुनिए
अधिशासी अभियंता अंकित गंगवार ने बताया कि कार्यालय में में आने वाले उपभोक्ताओं की समस्या सुन कर उसका फौरन निराकरण कराया जाता है। नए कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर अनिवार्य किया गया है। जिसके कारण नए कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। प्रीपेड मीटर की समस्याओं की शिकायतों को गंभीरता से लेकर उसका लगातार निस्तारण कराया जा रहा है।

 

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