Moradabad: साइलेंसर मॉडिफाइड कराने वालों की आफत...3 बुलेट सीज, 20 हजार जुर्माना
मुरादाबाद, अमृत विचार। परिवहन विभाग की ओर से डीलर्स, मोटर गैराज व वर्कशॉप छापेमारी की गई। इसके साथ ही गैराज मैकेनिक और डीलर्स पार्टस विक्रेताओं को मॉडीफाई साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न व अन्य ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरणों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन संदीप कुमार पंकज ने शुक्रवार को बताया कि छापेमारी का नेतृत्व कर रहे एआरटीओ आनंद निर्मल व उनकी टीम ने तीन मॉडीफाईड साइलेंसर लगी बुलेट को सीज किया। साथ ही मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 182ए (3) के तहत ऐसे उपकरण लगाने या तैयार करने वाले वर्कशॉप/गैराज संचालकों के प्रतिष्ठान पर छापेमारी के दौरान एक साइलेंसर लगाने वाले का मामला पकड़े जाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है।
उन्होंने बताया कि वाहन में अवैध तरीके से बदलाव कराने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ धारा 182ए (4) के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए छह माह तक की सजा या पांच हजार रुपये तक जुर्माना की कार्रवाई से होकर गुजरना पड़ेगा। इसके अलावा धारा 190 (2) के तहत सड़क सुरक्षा, शोर नियंत्रण और वायु प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने पर तीन माह तक की सजा या 10 हजार रुपये तक जुर्माना तथा ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निरस्त किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि जिन वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर या अन्य ध्वनि प्रदूषण करने वाले उपकरण पाए जाएंगे, उनके खिलाफ चालान के साथ धारा 53(1) के तहत आरसी निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में ऐसे अवैध उपकरण न लगाएं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
