भीषण गर्मी का असर: भारत में बिजली की मांग ने तोड़ा रिकॉर्ड, 252.07 GW दर्ज हुई मांग
दिल्ली। भीषण गर्मी के बीच कूलिंग उपकरणों, जैसे एयर कंडीशनर और कूलर के बढ़ते उपयोग के कारण देश में बिजली की अधिकतम मांग शुक्रवार को रिकॉर्ड स्तर 252.07 गीगावाट पर पहुंच गई, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है।
बिजली मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले मई 2024 में अधिकतम बिजली मांग 250 गीगावाट दर्ज की गई थी। मंत्रालय के अनुसार, 24 अप्रैल को देश की अधिकतम बिजली मांग 252.07 गीगावाट रही, जबकि 23 अप्रैल को यह 240.12 गीगावाट और 22 अप्रैल को 239.70 गीगावाट दर्ज की गई थी।
सरकार ने इस गर्मी के मौसम में अधिकतम बिजली मांग 270 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान लगाया था, हालांकि अब तक वास्तविक मांग इस अनुमान से कम रही है। पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में अधिकतम बिजली मांग जून 2025 में 242.77 गीगावाट दर्ज की गई थी, जबकि अप्रैल 2025 में यह 235.32 गीगावाट रही थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि देश में गर्मी बढ़ने के साथ एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली की मांग आगे और बढ़ सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्सों में इस सप्ताहांत तक लू की स्थिति बनी रहने की आशंका है।
