Uttrakhand:बाघ ने खाया पेट, सिर धड़ से किसने अलग किया? हत्या और बाघ के हमले में उलझी गुत्थी
हल्द्वानी, अमृत विचार। कमल की मौत कैसे हुई? इसको लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस जहां इस घटना को बाघ का हमला करार दे रही है, वहीं शव की हालत देख कर वन विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि यह एक जघन्य हत्या है। अब सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर हैं।
घटना स्थल पर नजर डालें तो जंगल में पेट के बल एक सिर कटा शव पड़ा मिला। सिर धड़ से कुछ दूर पड़ा था। गर्दन के कटे हिस्से को देख कोई यह मानने को तैयार नहीं कि यह काम बाघ का है। क्योंकि सिर नोंचा हुआ नहीं बल्कि किसी धारदार हथियार से काटा हुआ लग रहा था।
इसके बाद जब शव पलटा गया तो पेट बुरी तरह किसी जानवर द्वारा खाया हुआ था। इसे देख कर ही पुलिस ने दावा किया कि कमल को बाघ ने मारा। एसपी क्राइम डॉ.जगदीश चंद्र का कि सिर अलग होने के अलावा, शरीर के अगले हिस्से पर पंजों और नाखूनों के साफ़ निशान भी हैं, जिससे उन्हें लगता है कि हत्यारा कोई बाघ ही था।
जबकि रामनगर के डीएफओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया ने का कहना है कि इस चरण पर यह पक्के तौर पर तय नहीं किया जा सकता कि इस हत्या के लिए कोई बड़ी बिल्ली (बाघ/तेंदुआ) जिम्मेदार थी या नहीं। मौत की असली वजह और पूरी स्थिति तभी साफ होगी, जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिल जाएगी।
जंगली जानवर करता हमला तो होते अलग निशान
हल्द्वानी : राज्य वन विभाग का तर्क है कि जिस सफाई से सिर को धड़ से अलग किया गया था, उससे लगता है कि किसी धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया होगा। वन अधिकारियों ने कहा कि अगर किसी बड़े जंगली जानवर ने हमला किया होता, तो घाव ऊबड़-खाबड़ या अनियमित होते और शरीर के कुछ हिस्से शायद खा लिए गए होते। बहरहाल, अब मामले का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर ही निर्भर है।
बाघ ने शिकार बनाया तो कैसे उतरे बदन से कपड़े
सवाल यह है कि अगर कमल को बाघ ने मारा तो उसके बदन के कपड़े कैसे उतरे थे। क्योंकि यह साधारण सी बात है कि बाघ किसी इंसान की जान लेने से पहले या बाद में कपड़े तो नहीं उतारेगा। ऐसा अनुमान है कि कमल की हत्या की गई, सिर को धड़ से अलग कर जंगल में फेंक दिया गया और बाद में उसे किसी जंगली जानवर ने खा लिया, लेकिन बाघ नहीं। इसकी वजह यह कि बाघ खुद शिकार करके खाता है।
