गाजीपुर केस : सपा प्रतिनिधिमंडल ने की मृत लड़की के पिता मुलाकात, पांच लाख का चेक सौंपा
गाजीपुर। समाजवादी पार्टी (सपा) का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार सुबह गाजीपुर जिले के कटरिया गांव पहुंचा और अति पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय की उस 17 वर्षीय लड़की के पिता सियाराम विश्वकर्मा को पांच लाख रुपये का चेक सौंपा, जिसका शव 15 अप्रैल को गंगा नदी में पाया गया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस लाइन में मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक के बाद सपा नेता रामाश्रय विश्वकर्मा, विधायक जयकिशन साहू, सीमा राजभर और रीता विश्वकर्मा कड़ी सुरक्षा के बीच कटरिया गांव के लिए रवाना हुए। गांव पहुंचकर नेताओं ने शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से बातचीत की और उन्हें सांत्वना दी।
नेताओं ने पुष्टि की कि दुख की इस घड़ी में पार्टी उनके साथ एकजुटता से खड़ी है। इसकी पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक इराज राजा ने बताया कि सपा का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को यहां पहुंचा। राजा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल कटरिया गांव पहुंचा जहां उन्होंने मृतका के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें पांच लाख रुपये का चेक दिया।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्य (गांव से) चले गए। 17 वर्षीय लड़की का शव 15 अप्रैल को गंगा नदी में पाया गया था और परिवार ने यौन उत्पीड़न और हत्या किये जाने का आरोप लगाया है। विवाद 22 अप्रैल को उस समय और गहरा गया जब पीड़िता के परिवार से मिलने पहुंचे सपा प्रतिनिधिमंडल पर कटारिया गांव में पथराव किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए।
पुलिस ने हमले के सिलसिले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि गांव का मुखिया और 'प्रभावशाली ताकतों' द्वारा संरक्षित अन्य लोग इस हमले के पीछे थे और उन्होंने इसे पिछड़ा वर्ग पर हमला बताया था। इस बीच, वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) वैभव कृष्ण ने चेतावनी दी कि भ्रामक और आधारहीन रिपोर्ट फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने मीडिया से किसी भी समाचार रिपोर्ट को प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता को सत्यापित करने का आग्रह किया। इस महीने की शुरुआत में किशोर की मौत के बाद कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं को देखते हुए, प्रशासन ने रविवार को सभी प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया और किसी को भी परिवार को सांत्वना देने के लिए गांव जाने से रोक दिया।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ''स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गाजीपुर के जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने पूरे जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है। इस प्रावधान के तहत, जिले के किसी भी हिस्से में किसी भी राजनीतिक दल या संगठन के लोगों को एकत्र होने की अनुमति नहीं है। इसमें कहा गया है कि यह आदेश 30 अप्रैल तक लागू रहेगा।
