Pilibhit : घोटालेबाज इल्हाम की दो पत्नी समेत सात महिलाएं गिरफ्तार, खाते में पहुंचे थे घोटाले के 8.15 करोड़ रुपये..अब फंसे
पीलीभीत, अमृत विचार। जिम्मेदारों की शह पर डीआईओएस कार्यालय में नियम विरुद्ध तरीके से बाबूगिरी करने वाले बीसलपुर जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज के चपरासी इल्हाम उर्रहमान शम्सी द्वारा किए गए करोड़ों के घोटाले में सात और गिरफ्तारी की गई। इसमें इल्हाम की दो और पत्नियां शामिल रहीं। इनके खातों में करीब 8.15 करोड़ रुपये की धनराशि फर्जीवाड़ा करके ट्रेजरी से पहुंची थी। एएसपी ने प्रेसवार्ता कर खुलासा किया। पुलिस की टीमें अभी पकड़ी गई महिला आरोपियों से गहनता से पड़ताल कर अन्य क्लू जुटाने में लगी हैं।
बता दें कि बीसलपुर के जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज का चपरासी इल्हाम उर्रहमान शम्सी करीब सात साल से विभागीय अधिकारियों के संरक्षण में नियम विरुद्ध तरीके से अटैचमेंट के नाम पर डीआईओएस कार्यालय में बाबूगिरी कर महत्वपूर्ण पटलों पर काम देखता रहा। उसके द्वारा फर्जीबाड़ा करते हुए शिक्षकों के वेतन मद से करोड़ों की धनराशि का गबन किया गया था। इस मामले की पकड़ होने के बाद जांच हुई और फिर टालमटोल के बाद 13 फरवरी को डीआईओएस राजीव कुमार की ओर से इल्हाम उर्रहमान शम्सी और उसकी पत्नी अर्शी खातून के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अर्शी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जोकि जमानत पर है। वहीं, इल्हाम को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी। पुलिस की टीमें विवेचना कर रही है। इस दौरान 53 बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन पकड़ा और 5.50 करोड़ रुपये की धनराशि फ्रीज करा दी गई थी। इसी क्रम में कार्रवाई को गति दी गई। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में सात महिलाओं की गिरफ्तारी की है। जिसमें जनपद संभल के थाना रामसत्ती क्षेत्र के मोहल्ला जगत की निवासी लुबना नवी पत्नी इल्हाम उर्रहमान शम्सी, फातिमा नवी पुत्री नूर नवी, बिजनौर के मोहल्न्ला काजीपारा निवासी परवीन खातून पत्नी मोहम्मद अजीम, गाजियाबाद के पार्श्वनाथ पैराडाइज मोहन नगर निवासी आशकारा परवीन पत्नी जफर महमूद, अलीगढ़ के मोहल्ला जमालपुर निवासी अजारा खान पत्नी इल्हाम उर्रहमान शम्सी, बुलंदशहर के मोहल्ला खावेजज्ञान जामुन वाली गली की निवासी नाहिद पत्नी इरशाद और आफिया खान पत्नी शान मोहम्मद शामिल रही। एएसपी विक्रम दहिया, सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने शुक्रवार शाम पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर इनके अपराध और पुलिस कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। विवेचना करने में जुटी पुलिस टीम को 25 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने की घोषणा भी की गई।
ससुराल वालों पर की गई गबन की रकम की बारिश, शिकंजे में आ चुकी तीन पत्नियां
मुख्य आरोपी इल्हाम उर्रहमान शम्सी की ओर से किए गए गबन की अब तक की विवेचना से ये बात साफ हो चुकी है, कि गबन की गई सरकारी धनराशि का गबन कर ससुरालियों के खातों में रुपये की बारिश की जाती रही। एक पत्नी अर्शी पर पहले ही शिकंजा था। अब पकड़ी गई सात अन्य महिलाओं में लुबना और अजारा खान भी इल्हाम उर्रहमान की पत्नी बताई गई है। इसके अलावा फातिमा नवी उसकी साली है, जबकि नाहिद सास। इसके अलावा अन्य महिलाएं भी उसके परिवार की या परिचत हैं। इन सभी के खातों पर गई सरकारी रकम करीब 8.15 करोड़ के आसपास है। जिसमें से पांच करोड़ के आसपास पुलिस फ्रीज करा चुकी है। अन्य रकम की रिकवरी के लिए भी अभी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की मानें तो ये सभी अपराध में शामिल रही। उनके द्वारा इस पूरे मामले की जानकारी होने के बाद भी आगे आकर पुलिस या अन्य अधिकारियों को जानकारी देना उचित नहीं समझा गया।
नाम कोई और नंबर परिचितों के
पकड़ी गई सात महिला आरोपियों के खातों को लेकर भी एक हैरान करने वाली बात सामने आई है। ट्रेजरी से उनके खाते में रुपये सीधे भिजवाए गए थे। विवेचना के दौरान सामने आया है कि खाता नंबर तो इन महिलाओं का था लेकिन जो अभिलेख डीआईओएस कार्यालय से तैयार हुए थे, उन पर संबंधित महिलाओं के नाम नहीं थे। अगल-अलग नाम दर्शाए गए थे और खाते इनके लगाए गए थे। कई बिंदुओं पर पुलिस पड़ताल कर रही है।
सरकारी धनराशि के गबन के मामले की विवेचना चल रही है। इसमें मुख्य आरोपी की दो और पत्नियों समेत सात महिलाओं की गिरफ्तारी की गई है। इनके खाते में करीब 8.15 करोड़ की धनराशि पहुंची थी। अभी विस्तृत पूछताछ चल रही है। जो भी तथ्य आएंगे, उसी के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। - विक्रम दहिया, एएसपी।
