यूपी कौशल विकास मिशन की बड़ी कार्रवाई, 381 ट्रेनिंग पार्टनर पैनल से बाहर

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए उप्र. कौशल विकास मिशन ने बड़ा कदम उठाते हुए 381 प्रशिक्षण प्रदाताओं (ट्रेनिंग पार्टनर) को डी-इम्पैनल कर दिया है। हटाए गए संस्थानों में निजी, औद्योगिक और स्टार्टअप श्रेणी के प्रशिक्षण केंद्र शामिल हैं।

मिशन के तहत 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में प्रशिक्षण प्रदाताओं को उनके अनुरोध के आधार पर लक्ष्य आवंटित किए जाते हैं, जिन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा करना अनिवार्य होता है। हालांकि, हाल ही में हुई वर्चुअल समीक्षा बैठकों में कई प्रशिक्षण प्रदाताओं की प्रगति शून्य पाई गई।

समीक्षा में यह भी सामने आया कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ और राज्य कौशल विकास निधि के अंतर्गत संचालित योजनाओं में भी इन संस्थाओं का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। कई बार नोटिस जारी करने और जिला स्तर पर सुधार के अवसर देने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। अधिकारियों के अनुसार, कुछ प्रशिक्षण प्रदाता पिछले तीन वर्षों से पूरी तरह निष्क्रिय थे और वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी उनके सक्रिय होने की संभावना नहीं थी। 

इसी आधार पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में शून्य प्रगति वाले और संचालन में असमर्थ पाए गए कुल 381 संस्थानों को मिशन से बाहर कर दिया गया। इन संस्थाओं को स्थायी रूप से पैनल से हटाया गया है और भविष्य में इन्हें किसी भी कौशल विकास कार्यक्रम से नहीं जोड़ा जाएगा। इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और युवाओं को बेहतर कौशल अवसर उपलब्ध कराना है। पुलकित खरे, मिशन निदेशक

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