गो सेवा से समृद्धि : यूपी में डेयरी सेक्टर बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गो सेवा अब केवल आस्था का विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाला एक सशक्त आर्थिक मॉडल बनकर उभरी है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डेयरी सेक्टर के तेजी से हुए विस्तार ने किसानों और युवाओं की आय बढ़ाने के साथ गांवों में रोजगार के स्थायी अवसर भी पैदा किए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, ''मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना'' और ''नंद बाबा दुग्ध मिशन'' जैसी योजनाओं ने इस बदलाव को जमीनी स्तर पर साकार किया है। आज प्रदेश के हजारों युवा डेयरी उद्यम से सालाना 10 से 12 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं। सरकार की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि मथुरा जिले के रदोई गांव निवासी देवेंद्र सिंह इस परिवर्तन की मिसाल बनकर उभरे हैं।
नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत उन्होंने मिनी नंदिनी योजना का लाभ लेकर आठ साहिवाल और दो गिर नस्ल की गायों के साथ डेयरी यूनिट स्थापित की। सरकार से 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलने के बाद उनकी डेयरी से अब प्रतिदिन लगभग 100 लीटर दूध उत्पादन हो रहा है। देवेंद्र का कहना है कि सरकारी सहयोग से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला।
प्रदेश के अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम के अनुसार, उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन में देश में पहला स्थान हासिल कर लिया है। देश के कुल दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी 16 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
स्वदेशी नस्लों-साहिवाल और गिर-को बढ़ावा देने की नीति ने डेयरी क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया है। ये नस्लें अधिक दूध उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं। इनके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक डेयरी इकाइयों की स्थापना बढ़ी है, जिससे पशु आहार, परिवहन, दुग्ध संग्रहण और विपणन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
डेयरी सेक्टर में आई इस तेजी का असर ग्रामीण जीवन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। युवाओं की आय बढ़ने से गांवों से शहरों की ओर पलायन में कमी आई है। बड़ी संख्या में युवा अब गांवों में ही रहकर डेयरी व्यवसाय से जुड़ रहे हैं और अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। अब गो सेवा उत्तर प्रदेश में आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल बनती नजर आ रही है। यह न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर प्रदेश के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
