बरेली: हर तीन वार्डों पर होगा एक मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर
बरेली, अमृत विचार। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 की परीक्षा में बेहतर अंक पाने के लिए नगर निगम के अफसर जुटे हुए हैं। इसके लिए शहर से निकलने वाले सूखे व गीले कूड़े को अलग-अगल रखने का सही प्रबंधन करने का कार्य तेज कर दिया गया है। शहर के हर तीन वार्ड पर एक मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी …
बरेली, अमृत विचार। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 की परीक्षा में बेहतर अंक पाने के लिए नगर निगम के अफसर जुटे हुए हैं। इसके लिए शहर से निकलने वाले सूखे व गीले कूड़े को अलग-अगल रखने का सही प्रबंधन करने का कार्य तेज कर दिया गया है। शहर के हर तीन वार्ड पर एक मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर(एमआरएफसी) की स्थापना जनवरी माह में कर दी जाएगी।
शहर के 80 वार्डों से निकलने वाला सूखा और गीला कूड़ा एक जगह एकत्र किया जाएगा। इसके लिए 26 स्थानों को चयनित किया गया है जहां एमआरएफसी सेंटर बनेगा ताकि कूड़े का पृथक्करण किया जा सके। डोर टु डोर कूड़ा उठाने वाली कंपनियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। इन स्थानों से कूड़ा निस्तारण प्लांट रजऊपरसपुर भेजा जाएगा। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में कूड़ा अलग-अलग होने पर कम्पोस्ट के रूप में प्रयोग किया जाएगा।
शहर से हर रोज निकलने वाले करीब 450 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण नहीं होने के कारण स्मार्ट सिटी की रैंकिंग पिछड़ रही है। जिम्मेदार अफसर इस बार चाहते हैं कि हर हाल में रैंकिंग में सुधार किया जाए। जनवरी से होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में गीले और सूखे कूड़े के पृथक्करण में अधिक अंक लाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
6000 अंकों में से इसके लिए मिलने वाले नंबर न कट जाएं, इस पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसे लेकर निगम ने एमआरएफ सेंटर को धरातल पर लाने के लिए कार्य शुरू कर दिया है। साथ ही लोगों को कूड़ा कलेक्शन में लगी कंपनियां और निगम का पर्यावरण विभाग इसके प्रति जागरूक कर रहा है कि गीले और सूखे कूड़े को पहले से ही अलग रखा जाए।
इससे काफी हद तक स्वच्छता की दिशा में मदद मिलेगी। इसके लिए ऐसे वाहन तैयार किए गए हैं जिसमें दो तरह के बॉक्स लगे हुए हैं। इसमें प्लांट तक पहुंचाने के लिए वाहनों में गीला और सूखा कूड़ा अलग होकर पहुंचाने की सुविधा होगी। इससे कूड़े का निस्तारण सही तरीके से होगा
