Op Sindoor: PM मोदी ने बताया भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया का प्रतीक, CM योगी ने किया देश रणबांकुरों का अभिनंदन, जानिए क्या बोला विपक्ष

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Published By Anjali Singh
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दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सैन्य और आतंकी ढांचे के खिलाफ सैन्य अभियान के एक वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि एक साल बाद भी भारत आतंकवाद को हराने और उसे पोषित करने वाले तंत्र को नष्ट करने के अपने संकल्प में पहले की तरह ही अडिग है। मोदी ने कहा कि एक साल पहले भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेजोड़ साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया था। 

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने की हिमाकत करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया और पूरा देश भारतीय बलों के शौर्य को सलाम करता है। प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसने हमारे सशस्त्र बलों के पेशेवर रवैये, तैयारी और समन्वित शक्ति को उजागर किया।'' 

मोदी ने कहा कि साथ ही इस अभियान ने भारतीय सुरक्षा बलों के बीच बढ़ती एकजुटता को प्रदर्शित किया और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए किए गए प्रयासों से देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को मिली मजबूती को रेखांकित किया। ऑपरेशन सिंदूर को तीनों रक्षा बलों द्वारा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ पश्चिमी सीमा पर सात से 10 मई, 2025 तक पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए अंजाम दिया गया था। यह अभियान 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। मृतकों में अधिकतर पर्यटक थे। 

PM मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरा होने पर सोशल मीडिया पर

बदली अपनी 'डीपी' 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के एक साल पूरा होने पर बृहस्पतिवार को अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल पर 'डिस्प्ले पिक्चर' (डीपी) बदल दी। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर मोदी के प्रोफाइल पिक्चर को बदलकर काली पृष्ठभूमि पर 'ऑपरेशन सिंदूर' लिखा हुआ चित्र लगाया गया है। इस चित्र में तिरंगा है और अंग्रेजी में लिखे 'सिंदूर' शब्द के एक 'ओ' अक्षर में सिंदूर भरा हुआ दिखाया गया है, जो विवाहित हिंदू महिलाओं का प्रतीक है। 

ऑपरेशन सिंदूर को तीनों रक्षा बलों द्वारा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ पश्चिमी सीमा पर सात से 10 मई, 2025 तक पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए अंजाम दिया गया था। यह अभियान 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। मृतकों में अधिकतर पर्यटक थे। 

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने देश की जनता को दिया संदेश 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का एक साल पूरा होने पर देश की जनता को बधाई देते हुए बृहस्पतिवार को भारत के सशस्त्र बलों की सराहना की। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में आदित्यनाथ ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' एकता, अदम्य इच्छाशक्ति और असाधारण शौर्य को दर्शाता है, साथ ही यह देश की स्पष्ट राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को भी प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री ने अपने 'एक्स' अकाउंट की डिस्प्ले पिक्चर की जगह 'ऑपरेशन सिंदूर' का स्टिकर भी लगाया। 

उन्होंने पोस्ट में कहा, "145 करोड़ भारत वासियों की एकजुटता, अदम्य इच्छाशक्ति, सशस्त्र सेनाओं के असाधारण पराक्रम और भारत की स्पष्ट नीति की गौरवशाली अभिव्यक्ति 'ऑपरेशन सिंदूर' के एक वर्ष पूर्ण होने पर देश वासियों को हार्दिक बधाई एवं भारतीय सेना के रणबांकुरों का हृदयतल से अभिनंदन।" मुख्यमंत्री ने इसी संदेश में आगे कहा, "यह ऑपरेशन नए भारत के आत्मविश्वास, साहस और निर्णायक नेतृत्व का सशक्त प्रतीक है। इसने विश्व को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और सम्मान से कोई समझौता नहीं करता।" 

उन्होंने कहा, "हमारे वीर जवानों का शौर्य, त्याग और तप ही भारत की अजेय शक्ति है। राष्ट्र सदैव उनका ऋणी रहेगा। यह विजयगाथा केवल इतिहास नहीं, भविष्य की प्रेरणा है। जय हिंद!" जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए एक आतंकवादी हमले में 26 पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने छह/सात मई की रात को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू करते हुए नौ आतंकवादी ठिकानों पर समन्वित और सटीक मिसाइल हमले किए। इनमें चार पाकिस्तान में (बहावलपुर तथा मुरीदके सहित) और पांच पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर के मुजफ्फराबाद और कोटली में स्थित थे। ये स्थान जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के प्रमुख कमांड सेंटर थे, जो पुलवामा (2019) तथा मुंबई (2008) जैसे बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार थे।

भारत के अडिग इरादों का ऐलान था ऑपरेशन सिंदूरः भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत के अडिग इरादों का ऐलान बताते हुए इसमें शामिल भारतीय सेना के जवानों को नमन किया है। भाजपा ने सोशल मीडिया एक्स पर गुरुवार को लिखा, "वो सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं था, भारत के अडिग इरादों का ऐलान था। 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर उन वीरों को नमन, जिन्होंने दुश्मन को जवाब नहीं, संदेश दिया और उस संदेश की गूंज दुनिया ने सुनी। जय हिंद! " गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर भारतीय सेना ने सात मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और पाकिस्तान में स्थित आतंकवादियों के कई ठिकानों को नष्ट कर दिया था।

कांग्रेस ने जवानों की उपलब्धियों को किया नमन, सरकार की नीतियों की आलोचना 

कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर सशस्त्र बलों की उपलब्धियों को नमन कर उस दौरान सरकार की नीतियों की आलोचना की है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार को यहां एक बयान में कहा, "आज ऑपरेशन सिंदूर के लॉन्च की पहली वर्षगांठ है और यह अवसर सशस्त्र बलों के साहस, पराक्रम और पेशेवर क्षमता को सम्मान देने का है, लेकिन इसके साथ ही कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को भुलाया नहीं जा सकता और उनको याद रखना भी जरूरी है।" 

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 10 मई को युद्धविराम की पहली घोषणा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की थी और इसका श्रेय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप को दिया गया था। उनका कहना था कि उसके बाद श्री ट्रंप ने विभिन्न मंचों पर सैन्य अभियान रुकवाने का दावा दोहराया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सार्वजनिक रूप से कभी इस दावे के खंडन नहीं किया।  

रमेश ने कहा कि उसके बाद 30 मई को सिंगापुर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने स्वीकार किया था कि शुरुआती चरण में टैक्टिकल गलतियों के कारण भारत को नुकसान उठाना पड़ा, हालांकि बाद में रणनीतिक सुधार कर पाकिस्तान के भीतर सटीक कार्रवाई की गयी। उन्होंने कहा कि 10 जून 2025 को जकार्ता में भारतीय दूतावास के डिफेंस अताशे ने भी यह माना था कि राजनीतिक नेतृत्व द्वारा तय सीमाओं के कारण भारत ने अपने कुछ विमान गंवाए थे।

कांग्रेस नेता ने कहा कि चार जुलाई 2025 को उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने पाकिस्तान की कार्रवाई में चीन की भूमिका की ओर ध्यान दिलाया था। उनके अनुसार चीन ने पाकिस्तान को उपकरण, गोला-बारूद, सैटेलाइट इमेजरी और रियल टाइम टारगेटिंग सहायता उपलब्ध कराई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद मोदी सरकार चीन के प्रति नरम रुख अपनाए हुए है। उन्होंने कहा कि भारत के व्यापक कूटनीतिक अभियान के बावजूद पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उस तरह अलग-थलग नहीं पड़ा जैसा 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद हुआ था। 

कांग्रेस ने कहा कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को अमेरिकी नेतृत्व से लगातार समर्थन और महत्व मिल रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि कारगिल युद्ध के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने सामरिक मामलों के विशेषज्ञ के. सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता में कारगिल समीक्षा समिति गठित की थी, जिसने भविष्य के लिए सुझाव देते हुए अपनी रिपोर्ट संसद में पेश की थी। कांग्रेस ने मांग की कि ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े घटनाक्रमों की भी उसी तरह व्यापक समीक्षा कराई जानी चाहिए। 

 

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