जनगणना-2027 : गौतमबुद्धनगर में 7 मई से शुरू स्व-गणना, समीक्षा बैठक कर अधिकारियों ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
गौतमबुद्धनगर। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में जनगणना-2027 को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिलाधिकारी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और सात मई से शुरू होने वाली स्व-गणना प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि 07 मई से 21 मई तक आम नागरिकों के लिए स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
इस दौरान लोग स्वयं जनगणना पोर्टल के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भागीदारी कर सकें। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसमें सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी गणमान्य व्यक्तियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्व-गणना कार्य में व्यक्तिगत रूप से सहयोग करें और अपने-अपने विभागों के कर्मचारियों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
साथ ही ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के आरडब्ल्यूए और आम नागरिकों से अपील की गई कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने प्रगणक और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का पूर्ण निर्वहन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशिक्षण में अनुपस्थिति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय के उप निदेशक अभिमन्यु सिंह ने पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्व-गणना की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 का पहला चरण, यानी मकान सूचीकरण एवं मकान गणना, उत्तर प्रदेश में 22 मई से 20 जून तक संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मकान सूचीकरण से पहले 15 दिनों तक स्व-गणना की सुविधा दी जा रही है, जो एक अभिनव और स्वैच्छिक पहल है। यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें नागरिक स्वयं पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
अधिकारियों ने स्व-गणना के फायदे बताते हुए कहा कि इससे डेटा संग्रहण तेज और अधिक सटीक होगा, प्रगणकों की संभावित त्रुटियां कम होंगी और नागरिकों को भी सुविधा मिलेगी। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार, जिला वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल, उपायुक्त उद्योग पंकज निर्वाण, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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