जनगणना-2027 : जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अपील- 'सटीक जानकारी दें नागरिक', ऑनलाइन डेटा भरने का भी है विकल्प
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में जनगणना-2027 के अंतर्गत प्रारंभ हुई स्व-गणना प्रक्रिया को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने गुरुवार को जनपदवासियों से सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि जो नागरिक स्वयं ऑनलाइन गणना नहीं कर पाएंगे, उनके लिए 22 मई 2026 से जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र करेंगे। जिलाधिकारी ने स्वयं जनगणना-2027 की स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लेकर लोगों को इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़ने का संदेश दिया।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 की प्रक्रिया सात मई से शुरू हो गई है और नागरिक 21 मई तक ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए जनगणना निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराए गए पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है। यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक है। उन्होंने बताया कि स्व-गणना के लिए नागरिक मोबाइल फोन या लैपटॉप के माध्यम से पोर्टल पर जाकर प्रदेश का चयन करें और कैप्चा कोड भरें।
इसके बाद परिवार पंजीकरण की प्रक्रिया में परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर तथा उपलब्ध होने पर ईमेल आईडी दर्ज करनी होगी। एक मोबाइल नंबर केवल एक परिवार के लिए मान्य होगा तथा परिवार मुखिया का नाम बाद में परिवर्तित नहीं किया जा सकेगा। ओटीपी सत्यापन के बाद नागरिकों को भाषा का चयन कर जिला, पिनकोड और गांव अथवा शहर की जानकारी भरनी होगी। इसके बाद मानचित्र पर अपने घर का सही स्थान चिह्नित करना होगा तथा मकान और परिवार से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि अंतिम रूप से फार्म जमा करने से पहले नागरिक अपनी प्रविष्टियों की सावधानीपूर्वक जांच कर लें, क्योंकि सबमिट होने के बाद उसमें संशोधन संभव नहीं होगा। सफलतापूर्वक फार्म जमा होने पर नागरिकों को 'H' अक्षर से शुरू होने वाली 11 अंकों की स्व-गणना पहचान संख्या प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा। 22 मई के बाद जब जनगणना कर्मचारी घर पहुंचेंगे, तब यह संख्या उन्हें दिखानी होगी।
उन्होंने बताया कि जनगणना फार्म में कुल 34 प्रश्न होंगे। इनमें मकान संख्या, फर्श, दीवार और छत की सामग्री, मकान की स्थिति और उपयोग, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग जैसी जानकारियां शामिल होंगी। इसके अलावा पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई, एलपीजी या पीएनजी गैस कनेक्शन, मोबाइल, इंटरनेट, टेलीविजन, कंप्यूटर तथा वाहनों संबंधी जानकारी भी देनी होगी।
पहली बार परिवार में उपयोग होने वाले मुख्य अनाज से संबंधित जानकारी भी मांगी जाएगी। डॉ. लाठर ने जनपदवासियों से अपील की कि वे जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग करें और सही एवं तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य कानूनी रूप से अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति जानकारी देने से इंकार करता है या गलत जानकारी देता है तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा सकती है। दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक की सजा और एक हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
