राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड 10.70 लाख मामलों का निस्तारण, 937 करोड़ रुपये की वसूली
गौतमबुद्धनगरः उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय जिला न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव एवं समस्त न्यायिक अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर न्यायालय परिसर के सभागार में सभी न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
रविवार को कार्यक्रम संबंधी विज्ञप्ति जारी कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिवानी रावत ने बताया कि, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नयी दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में यह राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई। आयोजन माननीय जनपद न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव के निर्देशन एवं अध्यक्षता में संपन्न हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालयों, प्री-लिटिगेशन मामलों, राजस्व न्यायालयों एवं विभिन्न विभागों को मिलाकर कुल 10,70,372 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें कुल समझौता एवं वसूली धनराशि 937 करोड़ 71 लाख 15 हजार 913 रुपये रही। जनपद न्यायालय में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों द्वारा कुल 3,03,925 वादों का निस्तारण किया गया।
वहीं प्री-लिटिगेशन स्तर पर विभिन्न विभागों एवं राजस्व न्यायालयों द्वारा 7,66,447 मामलों का समाधान किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया। एनपीसीएल द्वारा 45 मामले निस्तारित किए गए, जिनमें 7.23 लाख रुपये की समझौता धनराशि रही। यूपीपीसीएल के 5,780 मामलों का समाधान किया गया। श्रम न्यायालय द्वारा 1,045 मामलों में लगभग 69.23 करोड़ रुपये की धनराशि का निस्तारण हुआ।
पुलिस विभाग ने 13,509 मामलों का निस्तारण किया। बीएसएनएल के 23 मामले निपटाए गए। चिकित्सा विभाग द्वारा 99,045 मामलों का समाधान किया गया। यातायात विभाग में सर्वाधिक 4,99,452 मामलों का निस्तारण हुआ। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय से 32,500 मामलों का निपटारा किया गया। इसके अलावा नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा 6,123 मामलों तथा राजस्व विभाग द्वारा 1,08,286 मामलों का निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों द्वारा उल्लेखनीय संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिकेष पाण्डेय द्वारा 79,368 मामलों का निस्तारण कर 61.37 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से 2,02,227 चालानों का निस्तारण हुआ, जबकि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में 22 मामलों में 2.30 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि तय की गई। एनआई एक्ट की अदालतों में भी बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा हुआ। प्रथम अतिरिक्त न्यायालय एनआई एक्ट में 310 मामले और लगभग 2.99 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि रही। द्वितीय न्यायालय में 104 मामलों में 1.22 करोड़ रुपये का समझौता हुआ। तृतीय न्यायालय में 94 मामलों में 2.35 करोड़ रुपये की धनराशि तय हुई। जिला उपभोक्ता न्यायालय में 25 मामलों में करीब 2.92 करोड़ रुपये तथा स्थाई लोक अदालत में 26 मामलों में 3.39 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि निर्धारित की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में पुराने एवं लंबित मामलों का निस्तारण होने से आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय मिला। न्यायालय प्रशासन ने इसे न्यायिक प्रक्रिया को सरल, सस्ता और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
