प्रदेशों की संस्कृति से साझा होंगे माध्यमिक विद्यालयों के आंगन, 445 काॅलेजों के तीन लाख से अधिक विद्यार्थी बनेंगे दक्ष
उच्च शिक्षा के बाद माध्यमिक विद्यालयों में एक भारत श्रेष्ठ भारत की दिखेगी झलक
अयोध्या, अमृत विचार : उच्च शिक्षा के बाद अब माध्यमिक विद्यालयों में भी एक भारत-श्रेष्ठ भारत की झलक देखने को मिलेगी। इसके तहत विद्यालयों में ईबीएसबी क्लब का गठन किया जाएगा। इनके माध्यम से हर महीने दूसरे राज्यों से जुड़ी सांस्कृतिक व अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने हर महीने का गतिविधि कैलेंडर जारी किया है। जिले के 445 माध्यमिक विद्यालयों में तीन लाख से अधिक विद्यार्थी विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति के साक्षी और साझी होंगे।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार माध्यमिक विद्यालयों में मई में अरुणाचल प्रदेश व मेघालय की भाषा में गीत, कहावत आदि प्रतियोगिताएं, जुलाई में इन राज्यों की भाषा में निबंध प्रतियोगिता, अगस्त में इन राज्यों के ऐतिहासिक स्थल, स्वदेशी खेलों, संस्कृति, भोजन, भाषा, पोशाक आदि पर स्क्रैप बुक बनाई जाएगी। वहीं सितंबर में इनकी संस्कृति, इतिहास, परंपरा पर नाटक-लोक नाट्य, अक्टूबर में स्वच्छता, सिंगल यूज प्लास्टिक, जल संरक्षण, नवंबर में खेल प्रतियोगिताएं, दिसंबर में नए समाचार, नेशनल आइकन, समाज सुधार, प्रसिद्ध व्यक्तियों पर चर्चा और जनवरी में कक्षा 11 व 12 के छात्रों की कृषि फसलों पर जानकारी व उसका विद्यालय परिसर में प्रयोग पर गतिविधियां होंगी।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने इसके लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी बनाया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि सभी विद्यालयों में यह गतिविधियां आयोजित की जाएं। इससे जुड़ी जानकारी व फोटोग्राफ निदेशालय को भी उपलब्ध कराए जाएं। जिला विद्यालय निरीक्षक डाॅ. पवन कुमार तिवारी ने बताया कि आदेश आ गया है। सभी प्रधानाचार्यों को भेज दिया गया है। 15 मई के बाद जिले के माध्यमिक विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
परिषदीय विद्यालयों में 13 से 19 मई तक भारतीय भाषा शिविर
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 13 से 19 मई तक ग्रीष्मकालीन भारतीय भाषा शिविर लगाया जाएगा। इसमें छात्र-छात्राओं को भारतीय भाषा का ज्ञान शिक्षक देंगे। छात्र अपनी मनपसंद भाषा सीखेंगे। उन्हें मातृभाषा के अतिरिक्त दूसरी भाषाएं पढ़ाई जाएंगी। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह ग्रीष्मकालीन भारतीय भाषा शिविर का आयोजन कराएं। जिसमें छात्रों को विभिन्न भारतीय भाषाओं के साथ-साथ विशेष शिक्षकों की मदद से सांकेतिक भाषा सीखने का भी अवसर दिया जाए। छात्र-छात्राएं भाषा सीखने के माध्यम से आपसी सम्मान, सांस्कृतिक व राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा दिया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लालचंद ने बताया कि आयोजन को लेकर तैयारी की जा रही है।
