'तकनीक के साथ न चलना, समय से पिछड़ जाना है', राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर सीएम योगी ने युवाओं के नाम लिखा पत्र

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस' के अवसर पर युवाओं को नसीहत देते हुए कहा कि तकनीक समय की तरह है और जो इसके साथ नहीं चला वह पिछड़ जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर प्रदेशवासियों को एक खुला पत्र साझा करते हुए कहा कि तकनीक केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार है।

उन्होंने अपने संदेश में कहा, "मेरे युवा साथियों, तकनीक समय की तरह है। तकनीक के साथ नहीं चलना, समय से पिछड़ जाना है। तकनीक के साथ चलने का अर्थ सुदृढ़ वर्तमान एवं स्वर्णिम भविष्य की दिशा में अग्रसर होना है। नवीनतम तकनीक सीखें, नवाचार अपनाएं एवं आत्मनिर्भर प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।" 

'योगी की पाती' शीर्षक से लिखी गई चिट्ठी में मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष 11 मई को 'राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस' मनाया जाता है लेकिन यह तिथि यूं ही नहीं चुनी गई। आदित्यनाथ ने लिखा, "वर्ष 1998 में इसी दिन पोखरण में 'ऑपरेशन शक्ति' के अंतर्गत भारत ने तीन सफल परमाणु परीक्षण कर विश्व को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, तकनीकी आत्मविश्वास और राष्ट्रीय सामर्थ्य का बोध कराया। 

इसी दिन स्वदेशी विमान 'हंस-3' ने सफल उड़ान भरी, तो स्वदेशी 'त्रिशूल' मिसाइल का परीक्षण भी हुआ। तकनीक केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार है। उत्तर प्रदेश सरकार इसी मंत्र पर आगे बढ़ रही है।" 

आदित्यनाथ ने पत्र में कहा कि आज तकनीक प्रयोगशाला से निकलकर खेत-खलिहान तक पहुंच गई है और इससे जनजीवन सुगम हुआ है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा इसी तकनीक का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री ने पत्र में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का भी जिक्र करते हुए कहा, "उत्तर प्रदेश के सपूत शुभांशु शुक्ला ने गत वर्ष सफल अंतरिक्ष उड़ान से 140 करोड़ भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा किया, तो यह तकनीक का ही चमत्कार है। इससे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।" 

उन्होंने अपनी सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रौद्योगिकी आधारित योजनाओं का भी जिक्र करते हुए पत्र में कहा, "इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड के मूलमंत्र के साथ हमारी सरकार ड्रोन, क्वांटम, ग्रीन हाइड्रोजन एवं मेड-टेक के क्षेत्र में प्रगति करते हुए उत्तर प्रदेश को देश का 'डीप टेक कॅपिटल' बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

तकनीक आधारित विकास की इस यात्रा में उत्तर प्रदेश आज आईटी पार्क, स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। यहां ब्रह्मोस मिसाइल तक बन रही है।" मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नवीनतम तकनीक सीखें, नवाचार अपनाएं एवं आत्मनिर्भर प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं और यही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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