अखिलेश यादव का योगी मंत्रिपरिषद विस्तार पर तंज, सीएम मतलब अब सिर्फ कुरियर मैसेंजर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हुए मंत्रिपरिषद विस्तार को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला है। श्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि मंत्रिपरिषद विस्तार में मुख्यमंत्री की कोई भूमिका नहीं रह गई है और फैसले ''ऊपर से आने वाली पर्चियों'' के आधार पर हो रहे हैं।
सपा प्रमुख ने व्यंग्य करते हुए लिखा, ''समय बिताने के लिए करना है कुछ काम! वैसे भी मंत्रिमंडल के विस्तार में तो इनका कोई काम है नहीं। उधर से पर्ची आएगी, यहाँ तो सिर्फ़ पढ़ी जाएगी। भाजपा राज में वैसे भी सीएम का मतलब बस यही रह गया है : कूरियर मैसेंजर।''
उन्होंने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता पूछ रही है कि ''फ़िल्म सबसे आगे बैठकर देखेंगे या पीछे बैठकर'' साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फ़िल्म ध्यान से देखिएगा, हो सकता है ''कर्मफल-कंसफल'' का सिद्धांत समझ में आए और कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिले।
दरअसल योगी आदित्यनाथ रविवार को पूरी मंत्रिमंडल के साथ शाम को लोकभवन में कृष्णावतरम् फ़िल्म देखेंगे। अखिलेश यादव ने अपने बयान में नैतिकता और आत्ममंथन का संदेश भी दिया। उन्होंने लिखा कि मूल रूप से व्यक्ति नहीं, बल्कि उसका ''लालच और लोभ'' बुरा होता है, जो धीरे-धीरे दुराचरण का रूप ले लेता है। इसके विपरीत जब व्यक्ति स्वार्थ छोड़कर परमार्थ के मार्ग पर चलता है तो सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है।
उन्होंने कहा कि महाकाव्यों का संदेश भी यही है कि अच्छाई अंततः बुराइयों पर विजय प्राप्त करती है। अपनी गलतियों और दुर्भावनाओं के लिए प्रायश्चित का कोई निश्चित स्थान नहीं होता, बल्कि इसके लिए भीतर के प्रकाश की आवश्यकता होती है। पोस्ट के अंत में उन्होंने वैदिक मंत्र ''तमसो मा ज्योतिर्गमय'' लिखते हुए अपने संदेश का समापन किया।
