पीजीटी परीक्षा:दूसरे दिन भी आधे से ज्यादा अभ्यर्थी गैरहाजिर, 8120 में से केवल 3567 हाजिर
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित पीजीटी भर्ती-2022 परीक्षा रविवार को जिले के 14 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई। दूसरे दिन भी परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दोनों पालियों को मिलाकर पंजीकृत 8120 अभ्यर्थियों में से केवल 3567 परीक्षार्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। 4553 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
रविवार को पहली पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत और मनोविज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित हुई। इसमें 4413 पंजीकृत अभ्यर्थियों में 1812 उपस्थित और 2601 अनुपस्थित रहे। वहीं, दूसरी पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिंदी और कला विषय की परीक्षा हुई। इसमें 3707 में से 1755 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। 1952 गैरहाजिर रहे। परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को सामान्य और आसान स्तर का बताया। दूसरी पाली के प्रश्न पत्र में जल के त्रिक बिंदु पर स्वतंत्रता की कोटि, विकिरण ऊर्जा को मापने के लिए एक्टिनोमीटर में कौन सा रासायनिक यौगिक उपयोग किया जाता है, किसके स्पेक्ट्रम में दृश्य क्षेत्र में केवल एक अवशोषण बैंड देखा जाता है, विलेमाइट और फेनासाइट किस प्रकार के सिलिकेट के उदाहरण हैं, मोज्ले का आवर्त नियम किस पर आधारित है जैसे प्रश्न पूछे गए। पीजीटी भर्ती परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों ने पेपर को सामान्य और आसान स्तर का बताया। मुरादाबाद, संभल व अमरोहा से परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर अच्छा था और ज्यादातर सवाल सामान्य स्तर के थे, हालांकि कुछ प्रश्न मॉडरेट लेवल के भी थे। वहीं सुबह की पाली में परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार परीक्षा पैटर्न में बदलाव देखने को मिला। कुछ प्रश्न सूक्तियों से जुड़े हुए थे, जबकि पहले सीधे सर्गों और अंकों से प्रश्न पूछे जाते थे।
कड़ी सुरक्षा के बाद केंद्रों में मिला प्रवेश
परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। अभ्यर्थियों की केंद्रों पर जूते मोजे उतरवाकर जांच हुई। महिलाओं की जांच के लिए अलग चेकिंग रूम बनाए गए थे, जहां महिला कर्मियों ने उनकी तलाशी ली। अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक जांच भी कराई गई। आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों से डिटेल्स का मिलान करने के बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में भेजा गया। हर परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल तैनात रहा।
