बाराबंकी : महादेवा में विवादित भवनों पर चला बुलडोजर, सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट कॉरिडोर निर्माण ने पकड़ी रफ्तार

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Published By Deepak Mishra
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भवन स्वामियों के खातों में भेजी जाएगी मुआवजे की धनराशि

रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल लोधेश्वर महादेवा कॉरिडोर निर्माण कार्य को गति देने के लिए प्रशासन ने सोमवार से अधिग्रहित शेष विवादित मकानों और दुकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दोबारा शुरू करा दी। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से अभियान चलाया गया। कॉरिडोर परियोजना के लिए कुल 128 मकान और दुकानों का अधिग्रहण किया गया था। इनमें पहले चरण में 97 भवनों को ध्वस्त कराया जा चुका था, जबकि 31 भवन और दुकानें विवादित होने के कारण बची रह गई थीं।

प्रशासन द्वारा शनिवार को डुग्गी मुनादी कराकर लोगों को भवन खाली करने की चेतावनी दी गई थी। सोमवार को उपजिलाधिकारी आनंद तिवारी, तहसीलदार विपुल कुमार सिंह और कोतवाल अरुण प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कराया। देर शाम तक करीब चार मकानों को गिराया जा चुका था।

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कार्रवाई के दौरान भवन स्वामी अपना सामान हटाने और मकान खाली करने में जुटे रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विवादित मामलों में न्यायालय का फैसला आने के बाद संबंधित भवन स्वामियों के खातों में मुआवजे की धनराशि भेजी जाएगी। वहीं, पर्यटन विभाग की देखरेख में मंदिर जाने वाले मुख्य द्वार का निर्माण कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है।

उपजिलाधिकारी आनंद तिवारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और पर्यटन विकास को ध्यान में रखते हुए भव्य कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है। विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए अधिग्रहित भवनों को हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। इस दौरान पर्यटन विभाग के अधिकारी, ग्राम प्रधान राजन तिवारी सहित अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।

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