बाराबंकी : नवजात मृत्यु दर कम करने को चिकित्सकों का प्रशिक्षण, रख गया है यह लक्ष्य

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एनएमआर इंडेक्स 37 से घटाकर 10 से नीचे लाने का लक्ष्य

बाराबंकी, अमृत विचार। जनपद में नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) 37 प्रति 1000 होने को लेकर चिंता जताई गई है। आंकड़ों के अनुसार प्रति 1000 जीवित जन्मों में 37 नवजात 28 दिन के भीतर विभिन्न कारणों से मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं। इसी को देखते हुए राष्ट्रीय नवजात जीवन रक्षा दिवस के अवसर पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। राष्ट्रीय नवजात फोरम के सहयोग से प्रोफेसर इमेरिटस डॉ. आर. आहूजा एवं नवजात रोग विशेषज्ञ डॉ. रजत आहूजा ने शहर के करीब 20 चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया।

प्रोफेसर डॉ. आर. आहूजा ने बताया कि वे पूर्व में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन, विश्व स्तनपान जागरूकता, ओआरएस एवं हैंड वॉश अभियान तथा किशोरियों में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाव के लिये टीकाकरण जागरूकता जैसे अभियानों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि जनपद में एनएमआर इंडेक्स को 37 से घटाकर 10 से नीचे लाने के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण अभियान चलाया जाएगा।

डॉ. रजत आहूजा ने बताया कि नवजात मृत्यु के प्रमुख कारणों में शिशु का सांस न ले पाना भी शामिल है, जिसे प्रशिक्षण के माध्यम से बिना दवा के काफी हद तक कम किया जा सकता है। प्रशिक्षण में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज सिंह, डॉ. मीनू वर्मा, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. जी.आर. वर्मा, रंजीत यादव, आकाश वर्मा, डॉ. रणविजय यादव, डॉ. मनोज कुमार वर्मा, वर्षा वर्मा सहित कुल 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के बाद सभी को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

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