International Nurses Day : 1000 जिंदगियां, एक संकल्प... इस नर्सिंग ऑफिसर के हौसले ने बहाई बदलाव की बयार

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

लखनऊ, अमृत विचार : दुनिया भर में आज यानी 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस मनाया जा रहा है। यह दिवस स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नर्सों (नर्सिंग ऑफिसर्स) के अमूल्य योगदान को सम्मान देने और उनके प्रति आभार व्यक्त करने के लिए वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है।

दरअसल, बीते वर्षों में कई बार नर्सिंग ऑफिसर्स (नर्सों) ने आगे बढ़कर स्वास्थ्य व्यवस्था में अहम योगदान दिया, जो मानव जाति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुईं। इतिहास के पन्ने इस बात के गवाह हैं। हालिया उदाहरण कोरोना का वह दौर रहा है जिसे मौजूदा पीढ़ी कभी भुला नहीं सकती। यही वजह है कि चिकित्सा जगत में नर्सिंग ऑफिसर (नर्स) असली नायक के तौर पर जाने और माने जाते हैं। 

ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस पर यूपी के एक शख्स की बात, जिसने श्वेत वर्दी में टीबी मुक्त लखनऊ का संकल्प लिया और 1000 हजार से अधिक जिंदगियों के पोषण की व्यवस्था की। 

हम बात कर रहे हैं,स्वास्थ्य सेवाओं और समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले केजीएमयू के डिप्टी नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट प्रदीप गंगवार की ...

प्रदीप गंगवार आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है, उनके मानवीय कार्यों की चौतरफा सराहना हो रही है। उन्होंने अपने प्रशासनिक और चिकित्सकीय दायित्वों के साथ-साथ जनकल्याण के क्षेत्र में सेवा और समर्पण का एक ऐसा उदाहरण पेश किया है। जो लोगों के लिए नजीर है।

1000 टीबी मरीजों को दिया पोषण का संबल

चिकित्सकीय सेवाओं के अलावा प्रदीप गंगवार ने भारत सरकार के 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत एक बड़ी मानवीय पहल की। जिसको नाम दिया टीबी मुक्त लखनऊ।

उन्होंने अब तक करीब 1000 टीबी से ग्रसित गरीब व जरूरतमंद मरीजों को पोषक आहार पोटली वितरित की है। 

इस पहल का मुख्य उद्देश्य टीबी मरीजों को इलाज के साथ-साथ सही पोषण प्रदान करना रहा है, जिससे मरीजों को जल्द से जल्द स्वस्थ होने में मदद मिल सके।

MUSKAN DIXIT (7)

सीएम योगी से मिला सम्मान

स्वास्थ्य और समाजसेवा के क्षेत्र में उनके इसी समर्पित योगदान के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से 'राजकीय सम्मान' से भी नवाजा गया है। यह सम्मान उनके जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

बदलाव की बयार

राजधानी लखनऊ को टीबी मुक्त करने के लिए किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डिप्टी नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट प्रदीप गंगवार ने एक खास रास्ता निकाला। उन्होंने साल 2025 से टीबी रोग से पीड़ित मरीजों को गोद लेना शुरू किया, 1 साल में ही मरीजों का यह आंकड़ा बढ़कर 1000 पहुंच गया। मरीजों को समय पर पोषण की पोटली मिलती रहे,
इसके लिए प्रदीप गंगवार ने पारिवारिक खर्चों तक में कटौती की। जो आसान नहीं था, लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही थी। हालांकि इस दौरान उनके कुछ साथियों ने उनका साथ दिया। 

पदयात्रा के जरिये शहर के गली-कूचे और बाजार तक पहुंचे

प्रदीप गंगवार ने लोगों में टीबी के प्रति जागरूकता लाने के लिए पदयात्रा भी निकाली। इस पदयात्रा के दौरान उन्होंने टीबी से बचाव के लिए लोगों को जानकारी दी। इतना ही नहीं समाज के सक्षम लोगों से टीबी ग्रस्त मरीजों को गोद लेने की अपील भी की।

इस अवसर पर प्रदीप गंगवार ने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि यह मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, सहानुभूति और समर्पण ही हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था की असली ताकत है।

उन्होंने इस खास मौके पर सभी नर्सिंग अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए समाज के प्रति पूरी निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया है।

संबंधित समाचार