आखिर कैसे रोकेंगे चाइनीज मांझा का इस्तेमाल? यूपी सरकार से HC ने मांगा जवाब, सचिव स्तर के अधिकारियों को भी किया तलब

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ,अमृत विचार: हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने चाइनीज मांझा कहे जाने वाले लेड-कोटेड व नायलॉन मांझे की खरीद-बिक्री व इस्तेमाल रोकने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि इसका इस्तेमाल रोकने के लिए उसने क्या योजना बनाई है। वहीं सरकार की ओर से भी भरोसा दिलाया गया है कि वह ऐसे मांझे का इस्तेमाल रोकने के लिए कानून बनाने की प्रक्रिया में है, इसके लिए छह सदस्यीय एक कमेटी का भी गठन किया जा चुका है। कोर्ट ने 13 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर गृह व पर्यावरण विभाग के सचिव या इससे ऊपर के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहने का आदेश दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर पारित किया। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता राजकुमार सिंह ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा लेड-कोटेड व नायलॉन मांझे का इस्तेमाल पहले से प्रतिबंधित किया जा चुका है।

इस पर कोर्ट का कहना था कि प्रतिबंध का पालन भी होना चाहिए, जहां इनका निर्माण व बिक्री हो रही हो, उसकी जांच करना भी राज्य सरकार का दायित्व है। शहर के काइट एसोसिएशन की ओर से भी मामले में हस्तक्षेप प्रार्थना पत्र दाखिल करते हुए कहा गया कि चाइनीज मांझा के नाम पर पुलिस व अन्य अधिकारियों द्वारा उनके सदस्यों को परेशान किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसे मांझे को रोकने में एसोसिएशन के लोग भी सहयोग करें तथा किसी को बेजा न परेशान किया जाए।

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