Uttrakhand: दून के बाद अब नैनीताल से जुड़ रहे नीट पेपर लीक के तार
हल्द्वानी, अमृत विचार। नीट यूजी-2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले के तार अब नैनीताल जिले से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। देहरादून तक पहले ही सीबीआई और राजस्थान एसओजी के हाथ पहुंच चुके हैं। ताजा जांच में सामने आया है कि देश भर में 700 से अधिक परीक्षार्थियों तक पेपर पहुंचाए गए और अब माना जा रहा है कि ये पेपर नैनीताल जिले तक पहुंचाए गए हैं। खास बात यह है कि सीबीआई और राजस्थान एसओजी इस मामले में लोकल पुलिस की मदद नहीं ले रही है।
नीट की परीक्षा बीती 3 मई को होनी थी और इसके लिए हल्द्वानी में तीन परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिसमें 1104 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी। पेपर लीक मामले में अभी तक नासिक का शुभम खैरनार, जयपुर के मंगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल के अलावा गुरुग्राम का यश यादव को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनसे कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए हैं। कुछ सोशल मीडिया साइट्स के जरिये भी पेपर्स का यहां से वहां भेजे गए हैं और इसमें नैनीताल जिले का भी नाम सामने आ रहा है।
हालांकि लोकल पुलिस इससे अनभिज्ञता जाहिर कर रही है। सीओ सिटी अमित कुमार सैनी का कहना है कि उनके पास अभी तक इस मामले से जुड़ी न तो कोई जानकारी है और न ही जांच एजेंसियों ने उनसे संपर्क किया है। बहरहाल, आरोप है कि दिनेश बिवाल ने करीब 30 लाख रुपये में परीक्षा का प्रश्नपत्र खरीदा था, जिसे उसने अपने बेटे के लिए लिया था और बाद में उसकी सॉफ्ट कॉपी अन्य छात्रों तक पहुंचाई गई।
जांच एजेंसियों का दावा है कि प्रश्नपत्र डिजिटल फॉर्म में शेयर किया गया और बाद में उसकी प्रिंट कॉपियां भी बेची गईं। पिछले वर्ष दिनेश बिवाल के परिवार के चार बच्चों का नीट में चयन हुआ था। मामले में देहरादून से गिरफ्तार राकेश कुमार मंडवारिया को लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, राकेश ने करीब 700 छात्रों तक कथित तौर पर पेपर पहुंचाने में भूमिका निभाई। अब माना यह जा रहा है कि इन पेपर्स को नैनीताल जिले तक भी पहुंचाए गए। एजेंसियां उन छात्रों और अभिभावकों की पहचान कर रही हैं जिन्होंने कथित रूप से रुपए देकर प्रश्नपत्र हासिल किया था।
