कैंसर संस्थान में इलाज के इंतजामों की गाड़ी हुई बेपटरी, संस्थान ने पत्र लिखकर बजट की पहली किस्त मांगी
लखनऊ, अमृत विचार: चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में इलाज के इंतजामों की गाड़ी बेपटरी हो सकती है। संस्थान को गैर वेतनमद का बजट की पहली किस्त न मिलने से व्यवस्थाओं पर संकट गहराने लगा है। लिहाजा संस्थान प्रशासन ने शासन को पत्र लिखकर बजट की पहली किस्त की गुहार लगाई। इस पर शासन ने संस्थान प्रशासन से पिछले वित्तीय वर्ष में खर्च किए गए बजट का हिसाब-किताब तलब किया है। खर्च का ब्यौरा देने में कैंसर संस्थान के वित्त विभाग के अफसरों ने कोताही बरती। जिसका खामियाजा मरीज व तीमारदारों को भुगतना पड़ सकता है।
कैंसर संस्थान में करीब 400 से अधिक मरीज प्रतिदिन ओपीडी में आ रहे हैं। 300 बेड पर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। ज्यादातर बेड हमेशा भरे रहते हैं। संस्थान की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सैकड़ों की संख्या में आउटसोर्सिंग, सफाई कर्मचारी, सिक्योरिटी गार्ड, लिफ्ट मैन, टेक्नीशियन, अफसरों के लिए वाहन समेत करीब 20 तरह की सेवाएं एजेंसी के माध्यम से दी जा रही है। इन्हें हर महीने भुगतान किया जाता है। बीते करीब दो माह से संस्थान प्रशासन एजेंसियों को भुगतान नहीं कर पाया है।
संस्थान प्रशासन ने शासन को पत्र भेजकर नए वित्तीय वर्ष की पहली किस्त की मांग की है। इस पर शासन ने पिछले वित्तीय वर्ष में मिले बजट के खर्च का विस्तृत ब्यौरा तलब कर लिया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में जारी की गई धनराशि का उपयोग किस मद में हुआ। कितना व्यय किया गया। इसका पूरा लेखा-जोखा माहवार उपलब्ध कराया जाए। उसके बाद निर्णय लिया जाएगा।
