Moradabad: अनुदेशकों और शिक्षा मित्रों की उपस्थिति का होगा सत्यापन

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Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा की डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विमलेश कुमार से जिले विद्यालयों, अध्यापकों और नामांकित बच्चों की संख्या के बारे में जानकारी ली। एआरपी के उपस्थित न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को चेतावनी नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि परिषदीय स्कूलों में अध्यापक औपचारिक वेशभूषा में ही पहुंचे। बच्चे अनिवार्य रूप से ड्रेस में ही आएंगे। प्रार्थना, समय और मिड डे मील निर्धारित है, इसका सख्ती से पालन होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों के बाहर जिलाधिकारी, एसएसपी, सीडीओ सहित अन्य अधिकारियों के नम्बर लिखवाएं। शिक्षकों से किसी भी प्रकार की अभद्रता या वसूली की शिकायतें बर्दाश्त नहीं होंगी। किसी भी सामग्री की सेंट्रलाइज तरीके से आपूर्ति नहीं होगी, क्योंकि इससे गुणवत्ता प्रभावित होती है।

 ऐसी शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज होगी। कंपोजिट ग्रांट का सदुपयोग शिक्षकों द्वारा निर्धारित विद्यालय की जरूरतों के अनुसार ही करने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी, जॉइंट मजिस्ट्रेट शक्ति दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक देवेन्द्र पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों की उपस्थिति की अक्सर शिकायतें मिलती हैं। अगले 15 दिन में उपस्थिति का सत्यापन सुनिश्चित कराया जाए।

केजीबी विद्यालयों की स्थिति की हुई समीक्षा
जिलाधिकारी ने जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में बालिकाओं की कम उपस्थिति का कारण पूछा। भगतपुर, मुरादाबाद, ठाकुरद्वारा, डिलारी और छजलैट में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की वार्डन को स्पष्टीकरण नोटिस जारी करने के साथ ही संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को भी चेतावनी नोटिस जारी करने का निर्देश बीएसए को दिया। कहा कि इन विद्यालयों के वार्डन वहां बनने वाले नाश्ते और भोजन की फोटो व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजेंगे। यहां पढ़ने वाली बालिकाओं को अहिल्याबाई होल्कर पर आधारित सीरियल भी दिखाया जाएगा। इसका उद्देश्य अहिल्याबाई होल्कर की न्यायप्रियता और धर्मपरायणता के साथ ही उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं के बारे में बालिकाओं को जागरूक करना है।

निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे अधिकारी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विद्यालयों के निरीक्षण के लिए नामित अधिकारी निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। शिक्षकों से शिष्टाचार का पालन करते हुए निर्धारित बिंदुओं पर निरीक्षण और जांच करेंगे। कहा कि शिक्षक बच्चों के भविष्य को लेकर संवेदनशील हों, विद्यालय का माहौल अच्छा बनाएं।

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