कानपुर जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह,'लू को हल्के में लेना खतरनाक, दोपहर में खेतों में काम से बचें'

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Published By Anjali Singh
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कानपुर। तेज गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए कानपुर जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि लू को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और पशुओं की इस मौसम में अतिरिक्त देखभाल जरूरी है। जिलाधिकारी ने अपील की कि पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न चार बजे तक अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें। 

बाहर निकलते समय सिर को गमछे, टोपी या कपड़े से ढकें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। शरीर में पानी की कमी न होने दें तथा नियमित रूप से पानी, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थ लेते रहें। उन्होंने कहा कि चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, अत्यधिक पसीना या कमजोरी महसूस होने पर इसे सामान्य न समझें और तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। घरों को हवादार रखें तथा बच्चों और बुजुर्गों को लंबे समय तक धूप में न रहने दें।

डीएम ने किसानों से दोपहर के समय खेतों में काम से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खेतों पर पानी, छाया और ओआरएस की व्यवस्था रखें तथा सुबह या शाम के समय ही खेतों में कार्य करें। अचानक थकान या चक्कर आने पर तुरंत काम रोककर छाया में आराम करें। पशुपालकों को भी सतर्क रहने की सलाह देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पशुओं को छायादार स्थान पर रखें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में साफ व ठंडा पानी उपलब्ध कराएं। 

दिन में एक-दो बार पानी का छिड़काव या स्नान कराने से पशुओं को राहत मिलेगी। पशुओं में सुस्ती या कमजोरी दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सावधानी ही लू से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। लोग धूप में निकलते समय छाता, टोपी या गमछे का प्रयोग करें और तले-भुने व भारी भोजन से परहेज करें। 

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