India-Estonia Relations: पीएम मोदी का इंतजार कर रहा है यह यूरोपीय देश, द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने के लिए कही बड़ी बात

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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ताल्लिन्न। एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहकना ने भारत और एस्टोनिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के लिए भारत से और अधिक उच्च स्तरीय यात्राओं का आह्वान किया और कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस उत्तरी यूरोपीय देश का दौरा करते हैं तो एस्टोनिया को ''बहुत खुशी' होगी। त्साहकना ने एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि एस्टोनिया 2027 में यूक्रेन पुनर्निर्माण सम्मेलन का आयोजन कर रहा है और उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत भी युद्धग्रस्त देश यूक्रेन की पुनर्निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बनेगा। 

एस्टोनिया के विदेश मंत्री ने कहा, ''भारत एस्टोनिया का एक बहुत अहम साझेदार है। हमारे स्तर बिल्कुल अलग हैं, एस्टोनिया की जनसंख्या 13 लाख है जबकि भारत की जनसंख्या 14 अरब है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भी है। हमारे राष्ट्रपति (अलार कारिस) फरवरी में एआई शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत में थे। व्यापारिक दृष्टि से हमारे द्विपक्षीय संबंध मजबूत हो रहे हैं।'' 

उन्होंने कहा, ''चाहे रक्षा उद्योग हो, आईटी हो या एआई , एस्टोनिया निवेश के लिए एकदम सही जगह है। हमारे पास ई-रेजिडेंसी कार्यक्रम है जिसके माध्यम से भारतीय कंपनियां और लोग निवासी बन सकते हैं और हमारे शानदार स्टार्टअप वातावरण का हिस्सा बन सकते हैं।'' त्साहकना ने कहा, "मैं भारत की आर्थिक वृद्धि और आर्थिक विकास पर भारतीय सरकार के नेतृत्व को देख रहा हूं। ये ऐसा है जिसमें हमारी कंपनियां बहुत रुचि रखती हैं।'' 

मंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या संबंधों को मजबूत करने के लिए और अधिक उच्च स्तरीय दौरों की आवश्यकता है और क्या प्रधानमंत्री मोदी भविष्य में एस्टोनिया का दौरा कर सकते हैं, तो त्साहकना ने कहा कि उनका देश ऐसे दौरे का गर्मजोशी से स्वागत करेगा। उन्होंने कहा, ''अगर प्रधानमंत्री मोदी एस्टोनिया आते हैं तो हमारे देश को बहुत खुशी होगी। हम उनका हार्दिक स्वागत करेंगे और विदेश मंत्री (एस. जयशंकर) का भी स्वागत है। 

एस्टोनिया में जितने अधिक उच्च स्तरीय दौरे होंगे, उतना ही अच्छा होगा।'' अब तक भारत से किसी भी प्रधानमंत्री ने एस्टोनिया का दौरा नहीं किया है। त्साहकना ने बताया कि एस्टोनिया 2027 में यूक्रेन पुनर्निर्माण सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें विश्व के नेता, दानदाता और निजी कंपनियां शिकरकत करेंगी। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के मार्शल प्लान के बाद यूक्रेन का पुनर्निर्माण यूरोप की सबसे बड़ी परियोजना होगी और मुझे उम्मीद है कि भारत भी इसमें शामिल होगा। 

त्साहकना की ये टिप्पणियां राष्ट्रपति कारिस की भारत यात्रा के कुछ सप्ताह बाद आई हैं। कारिस 16 से 20 फरवरी तक एआई इम्पैक्ट सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत गए थे। इस यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी से हुई थी। मोदी ने 11 फरवरी, 2025 को पेरिस में आयोजित एआई एक्शन सम्मेलन के दौरान भी कारिस से मुलाकात की थी।

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