बिजली संकट: बरेली से लखनऊ तक हाहाकार...मुख्यमंत्री ने बुलाई बैठक, दो अधिशासी अभियंता निलंबित
लखनऊ/बरेली। यूपी में भीषण गर्मी के बीच जनता दोहरी मार झेल रही है। एक तरफ सूरज की तपिश और लू लोग से बेहाल है, तो दूसरी ओर बिजली कटौती ने परेशानी और बढ़ा दी है। इससे बरेली से लेकर लखनऊ तक हाहाकार मच गया है। बदहाल चल रही विद्युत व्यवस्था और इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के चौतरफा घेराव को देखते हुए मुख्यमंत्री सख्त हो गए हैं। उन्होंने रविवार को सुबह 10.30 बजे अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। बैठक में विद्युत आपूर्ति, फॉल्ट, ट्रिपिंग और अफसरों के जवाबदेही पर चर्चा होगी। जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में कैबिनेट मंत्री ऊर्जा के साथ-साथ प्रमुख सचिव ऊर्जा, अध्यक्ष यूपीपीसीएल भी मौजूद रहेंगे।
सीएम ने खुद संभाला मोर्चा
वहीं यूपीपीसीएल ने लापरवाही पर गाजियाबाद के अधिशासी अभियंता पारेषण राहुल और मेरठ के अधिशासी अभियंता पारेषण योगेश कुमार को निलंबित कर दिया है। प्रदेश में रिकॉर्ड 30 हजार मेगावाट विद्युत खपत के बाद भी बिजली के लिए चौतरफा हाहाकार मचा हुआ है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी लगातार विद्युत आपूर्ति की असामान्य स्थितियां वायरल हो रही है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं बैठक करके स्थितियों से रूबरू होने का फैसला किया है। कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अमेठी संसदीय क्षेत्र की चरमराई विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है। पत्र में कहा है कि अघोषित बिजली कटौती से किसानों, छात्रों, व्यापारियों और आम नागरिकों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
मंत्री ने निकाली भड़ास
बिजली संकट पर वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार की नाराजगी और उनके पत्र पर घमासान के बीच शनिवार को सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों ने बिजली अफसरों पर जमकर भड़ास निकाली। लखनऊ से पहुंचे चीफ इंजीनियर (तकनीकी) मनीष गुप्ता की मौजूदगी में पार्षदों ने हल्ला-बोल किया और अघोषित कटौती से जूझते शहर की समस्या के लिए अफसरों को जिम्मेदार ठहराया। जनप्रतिनिधियों ने 15 दिन में बिजली आपूर्ति सुचारू बनाने का अल्टीमेट दिया है। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने एक आवाज में बिजली अफसर जनता के फोन नहीं उठाते, ये बेहद गंभीर है। कुछ पार्षदों ने आरोप लगाए कि ऐसा लगता है कि कुछ अधिकारी विपक्षी नेताओं की तरह काम कर रहे हैं। इसमें सरकार के खिलाफ साजिश नजर आती है।
कैंट विधायक ने दी चेतावनी
कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने चेतावनी दी कि अगर बिजली संकट की वजह से जनाक्रोश फूटता है तो जिम्मेदार पावर कारपोरेशन के अधिकारी होंगे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे मंत्री डॉ. अरूण ने चीफ इंजीनियर लिखकर दें कि स्टाफ कम है तो ऊर्जा मंत्री से बात करेंगे। डीएम अविनाश सिंह ने भी बिजली अफसरों के रवैय्ये पर नाराजगी जताई। यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। प्रचंड गर्मी के बीच अतिरिक्त मुख्य सचिव (ऊर्जा) और यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने शनिवार को बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की और बिजली आपूर्ति के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी।
निगरानी के दिए गए आदेश
गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश की सभी बिजली वितरण कंपनियों के प्रबन्ध निदेशक से लेकर अधिशासी अभियन्ताओं से विद्युत आपूर्ति को लेकर विस्तृत जानकारी ली तथा उन्हें आवश्यक निर्देश दिए। कहा कि सभी अधिकारी एवं कार्मिक अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष रूप से सजगता बरतें। उपकेन्द्रों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त की जाए। जिन क्षेत्रों में रात्रि में अचानक लोड में अत्यधिक बढ़ोत्तरी होने के कारण ट्रांसफार्मर या लाइनों पर लोड बढ़ता है, उनको चिन्हित कर निगरानी दल के साथ जांच अभियान चलाने के निर्देश दिये।
