बरेली: अधिकारियों की लापरवाही खाद्य पदार्थों में बढ़ा रही मिलावट का प्रतिशत
अमृत विचार, बरेली। खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं की रोकथाम के लिए गठित उत्तर प्रदेश विधान परिषद की समिति ने शनिवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग द्वारा तीन साल में मिलावटखोरी रोकने के लिए की गई कार्रवाई की कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा की। सभी जनपदों के अधिकारी अधूरी तैयारी के साथ बैठक …
अमृत विचार, बरेली। खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं की रोकथाम के लिए गठित उत्तर प्रदेश विधान परिषद की समिति ने शनिवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग द्वारा तीन साल में मिलावटखोरी रोकने के लिए की गई कार्रवाई की कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा की। सभी जनपदों के अधिकारी अधूरी तैयारी के साथ बैठक में पहुंचे।
बदायूं और पीलीभीत ने आंकड़ों की अधूरी बुकलेट ही दे दी थी। जिस पर सभापति व अन्य सदस्यों ने नाराजगी जताई। खाद्य पदार्थ, नकली दवा और मिड-डे मील से लेकर बाल पुष्टाहार में सैंपलिंग बेहद कम मिली। इधर, समीक्षा कर सभापति साहब सिंह सैनी ने कहा कि सैंपलिंग की स्थिति बेहद खराब है। अधिकारी इसमें सुधार लाएं। नियमित छापेमारी कर नमूने भरें। जिस फर्म या दुकान का नमूना दो से तीन बार फेल हो जाए उसका लाइसेंस तत्काल रद किया जाए।
वर्ष 2017-18 से अब तक वर्षवार जनपदों में बैठकों और कार्रवाई के सवालों का अधिकारी सही जवाब नहीं दे पाये। बदायूं और पीलीभीत की सैंपलिंग में स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के अफसरों को कार्रवाई की तथ्यात्मक रिपोर्ट लखनऊ लेकर आने के निर्देश दिये। पानी के प्लांटों पर छापेमारी न होने पर भी समिति ने कड़ा संज्ञान लिया।
सभापति साहब सिंह सैनी की अध्यक्षता में समिति के सदस्यों ने सबसे पहले बरेली से समीक्षा शुरू की। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने अपना लेखा-जोखा बताया। कई मामलों में समिति असंतुष्ट दिखी। बदायूं के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने छापे, नमूने भरने और जुर्माना वसूलने के बारे में बताया।
इस वर्ष दूध के 89 में से 16 नमूने अधोमानक निकले। छह में ग्लूकोज पाया गया। पीलीभीत में सबसे कम सैंपलिंग की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसे देखकर समिति भी हैरान रह गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने लाकडाउन और अधिवक्ताओं की हड़ताल का हवाला देते हुए लंबित वादों के निस्तारित नहीं होने की बात कही। दूध के 34 में से 18 मानकों के विपरीत मिले।
स्टाफ की कमी के चलते छापेमारी कम होने की बात कही तो सभापति ने कहा कि चार सुरक्षा अधिकारी हैं लेकिन सभी मन से छापा मारते तो अधिक नमूने भरे जा सकते थे। सभापति बोले-सेब की जांच क्यों नहीं कर रहे। आयोडेक्स लगाकर बेच रहे हैं। अधिकारियों को कागजातों के साथ लखनऊ तलब किया। समिति ने पीलीभीत में नवरत्न स्वीट हाउस और मोदी नेचुरल प्लांट की सैंपलिंग कर रिपोर्ट समिति को भेजने के निर्देश दिये।
शाहजहांपुर के अधिकारियों को भी लखनऊ बुलाया
शाहजहांपुर में भी मिड-डे मील के खाद्यान्न का नमूना नहीं भरा गया। अधिकारियों को विनायक मसाला वालों के यहां छापेमारी कर रिपोर्ट समिति को उपलब्ध कराने को कहा। शाहजहांपुर के अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट बनाकर लखनऊ आकर समिति को सौंपने के निर्देश दिये। इसी तरह नकली दवाओं और सेनेटाइजर की समीक्षा की।
ये मौजूद रहे समीक्षा बैठक में
बैठक में समिति के सदस्यों में संतोष यादव सनी, परवेज अली, सुनील सिंह साजन, राजेश कुमार यादव, धर्मवीर सिंह अशोक, रामवृक्ष सिंह यादव के अलावा डीएम नितीश कुमार, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण, सहायक आयुक्त खाद्य और औषधि संजय कुमार, सीएमओ डा. विनीत शुक्ल, जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी, जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्र, ड्रग इंस्पेक्टर विवेक कुमार, नगर मजिस्ट्रेट मदन कुमार आदि चारों जनपदों के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के अलावा बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य व पूर्ति विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
पुलिस ने पकड़ी गुटखा फैक्ट्री, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ले रहे श्रेय
समीक्षा बैठक में बरेली के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने वर्ष 2019 में सुभाष नगर और बारादरी क्षेत्र में करीब डेढ़ माह पूर्व पकड़ी गई मिलावटी गुटखा फैक्ट्री के मामले को भी अपनी कार्रवाई बता दिया। साथ ही अगस्त में राजस्थान का मिलावटी देसी घी पकड़ने के मामले को भी अपनी कार्रवाई बताते हुए समिति के समक्ष रिपोर्ट पेश की। सभापति तक जब यह बात पहुंची तो वह हैरान रह गये। उन्हें बताया गया कि पुलिस ने कार्रवाई की थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी बाद में शामिल हुये थे।
