Moradabad News: सरकारी अधिकारियों के वाहन बेड़े में तत्काल होगी 50 फीसदी कटौती

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Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। मुख्यमंत्री द्वारा अपर मुख्य सचिवों व प्रमुख सचिवों के साथ बैठक में ईंधन की बचत के आह्वान पर कदम बढ़ाते हुए डीएम ने जिले में सभी विभागों के अध्यक्षों को प्रधानमंत्री की अपील के समर्थन में उपाय करने का निर्देश दिया है। इसके क्रम में सरकारी अधिकारियों के वाहन बेड़े में कटौती की जाएगी जिससे डीजल-पेट्रोल की खपत कम की जा सके। इसके अलावा साप्ताहिक नो व्हीकल डे तय कर सप्ताह में दो दिन वर्चुअल बैठकों पर भी जोर रहेगा।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की पहल के समर्थन में ईंधन बचाने के लिए मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह भी कदम बढ़ा चुके हैं। उन्होंने सबसे पहले ई-साइकिल चलाकर कार्यालय पहुंचे थे। इसके बाद अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी आगे आए। मंडलायुक्त ने अपने कार्यालय सहित अन्य कार्यालयों में भी जनरेटर का उपयोग अति आवश्यक कार्य के लिए ही करने का आदेश दिया है।

वहीं जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने विभागों के अध्यक्षों को पत्र लिखकर इस मुहिम को देशहित में पूरी तरह सफल बनाने के लिए जुटने का निर्देश दिया है।
इसमें सरकारी अधिकारियों के वाहन बेड़े में कमी होगी। सभी अपर जिलाधिकारियों, उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों के अलावा सभी विभागों के अध्यक्षों को अपने व अधीनस्थों के कार्यालयों के सरकारी वाहनों या किराए के वाहनों की समीक्षा कर अनावश्यक वाहनों में तत्काल 50 प्रतिशत कटौती करने का निर्देश दिया है।

एक नजर में मुख्य बिंदु
1 वर्क फॉक होम की संस्कृति: जिलाधिकारी ने जिले के सरकारी, अर्द्ध सरकारी कार्यालयों में जहां कार्य की प्रकृति अनुमति देती हो वहां सप्ताह में दो दिन वर्क फ्राम होम को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है।
2 वर्चुअल बैठकें: जिला स्तरीय समीक्षा बैठकें, सेमिनार, कार्यशाला और ट्रेनिंग को यथासंभव वर्चुअल करने के लिए निर्देश दिया गया है।

3 नो व्हीकल डे: जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जन प्रतिनिधियों से सप्ताह में कम से कम एक दिन निजी वाहन की बजाय सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का प्रयोग करने का आह्वान किया है। साप्ताहिक नो व्हीकल डे तय कर सभी उप जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्र में प्रचार-प्रसार करने के लिए कहा है। साथ ही सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को स्वयं इसका पालन करने के लिए कहा है।

4 ऊर्जा संरक्षण को प्राथमिकता:: जिलाधिकारी ने सरकारी कार्यालयों में पीक ऑवर में ईधन की बचत के लिए जोर दिया है। साथ ही जेनरेटर का उपयोग कम करने के लिए निर्देश दिया है। सरकारी भवनों, परिसरों, कार्यालयों में अनावश्यक बिजली का उपयोग पूरी तरह रोकने के लिए कहा गया है।

5 पीएनजी नेटवर्क का विस्तार: जिलाधिकारी ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर कंपनियों से समन्वय स्थापित कर मिशन मोड पर पीएनजी नेटवर्क का विस्तार कर कनेक्शनों को बढ़ाने के लिए कहा है।

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