गाजीपुर एनकाउंटर: सपा सांसद डिंपल यादव ने पूछा, कमलेश का एनकाउंटर क्यों किया!
-गाजीपुर के होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड में हुआ था कमलेश चौधरी का एनकाउंटर, गांव में शव पहुंचने पर बवाल-पुलिस पर हमला
अमृत विचार : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड में शामिल एक हत्यारोपी कमलेश चौधरी के एनकाउंटर पर बड़ा बवाल मचा है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, "जब पुलिस अपराधी को पकड़ सकती थी तो एनकाउंटर क्यों किया? आखिर आप कितने लोगों का एनकाउंटर करेंगे? भाजपा वाले नहीं चाहते हैं कि प्रशासन, कानून के मुताबिक चले।"
डिंपल यादव ने कहा कि, ये अपने आप में कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह उठाने का काम है। ऐसी स्थिति में लोगों का गुस्सा तो जाहिर ही होगा।
गाजीपुर में एनकाउंटर में मारे गए कमलेश चौधरी का शव लेकर गौसाबाद गांव पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों के हमले के संबंध में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए डिंपल यादव ने ये बातें कहीं।
गाजीपुर के एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि बुधवार और गुरुवार की दरम्यिानी रात कमलेश चौधरी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। एसपी ने कहा कि, घेराबंदी के दौरान कमलेश ने पुलिस पर फायरिंग की और जवाबी हमले में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस उसे लेकर अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
गुरुवार को पुलिस टीम कमलेश चौधरी का शव लेकर गौसाबाद स्थित उसके गांव पहुंची थी। एनकाउंटर से नाराज परिवार के साथ ग्रामीण आक्रोशित थे। वे फूलपुर रेलवे क्रॉसिंग पर प्रदर्शन करने लग गए। इसी बीच पुलिस के साथ ग्रामीणों का टकराव हो गया और बाद में ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया। इसमें सीओ समेत 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस पर हमले का मुकदमा
एसपी डॉ. ईरज रजा के मुताबिक, पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस बवाल में करीब 50 लोगों को आरोपी बनाया है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नामजद हैं। एसपी ने कहा कि, बवाल में शामिल और उकसाने वाले, दोनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विनीत राय को गोलियों से भूना
गाजीपुर की सदर कोतवाली क्षेत्र में आलोक राय का बिंदु होटल है। 29 मई की रात हमलावरों ने होटल के गेट पर उनके बेटे आलोक राय को गोलियों से भून डाला था। विनीत राय के परिवार ने शंकर पांडेय, कमलेश चौधरी समेत चार के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने शंकर और कमलेश पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और बाकी दो आरोपियों पर 50-50 हजार का इनाम है। एक आारेपी कमलेश चौधरी की मुठभेड़ में मौत हो गई।
