World no Tobacco Day: तंबाकू की आदत स्वाद नहीं, जीवन को निगलती बीमारी

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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रोहिलखंड कैंसर इंस्टीट्यूट बरेली के  निदेशक  एवं सीनियर सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अर्जुन अग्रवाल ने तंबाकू का सेवन करने वालों के विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर अपना संदेश दिया। उन्होंने तंबाकू के खतरे बताते हुए लोगों से इसका सेवन छोड़ने की अपील की है।

वह बताते हैं कि  हर दिन अस्पताल में हम ऐसे अनगिनत मरीजों को देखते हैं, जिनकी जानलेवा बीमारी की शुरुआत एक बेहद छोटी और आम सी आदत से हुई थी-चाहे वह गुटखा हो, खैनी, बीड़ी, सिगरेट, पान मसाला या फिर आजकल का आधुनिक वेपिंग (ई-सिगरेट)। शुरुआत में यह सिर्फ कभी-कभी के शौक या मनोरंजन से शुरू होता है, फिर धीरे-धीरे रोज़मर्रा की आदत बनती है, और अंततः एक ऐसी भयानक लत का रूप ले  लेती है जो पूरे जीवन को कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बीमारियों और गहरे आर्थिक संकट के दलदल में धकेल देती है। 

तंबाकू केवल उस व्यक्ति को ही नहीं मारता जो इसका सेवन करता है, बल्कि यह हंसते-खेलते पूरे परिवार को उजाड़ देता है। बच्चे अपने पिता का साया खो देते हैं, पत्नी अपने पति को खो देती है, और बूढ़े माता-पिता अपनी आँखों के सामने अपने जवान बेटे को तिल-तिल कर बीमारी में दम तोड़ते हुए देखते हैं। चिकित्सा विज्ञान के दृष्टिकोण से सबसे दुखद बात यह है कि तंबाकू से होने वाली ये अधिकांश बीमारियां शत-प्रतिशत रोकी जा सकती हैं, बशर्ते समय पर कदम उठाया जाए। 

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर मेरी आप सभी से विनम्र अपील है कि तंबाकू को स्टाइल स्टेटमेंट, तनाव कम करने का जरिया या एक सामाजिक आदत मानना पूरी तरह बंद कीजिए। यह कोई फैशन नहीं, बल्कि एक धीमा ज़हर और जानलेवा नशा है। अच्छी बात यह है कि इससे बाहर निकलने के लिए आज हर तरह की चिकित्सकीय और मानसिक मदद उपलब्ध है।

आज ही एक दृढ़ संकल्प लें अपने लिए न सही, अपने उस परिवार के लिए जो आपसे बेहद प्यार करता है... तंबाकू को हमेशा के लिए छोड़ दें!

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