UP News : अपराधी जिस भाषा में बात करता, यूपी पुलिस उसी भाषा में जवाब देती-डीजीपी राजीव कृष्णा
अमृत विचार, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्णा ने अपराध और अपराधियों के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को लेकर कहा कि, "अपराधी जिस भाषा में बात करता है, यूपी पुलिस उसी भाषा में जवाब देती है। कानून के दायरे में रहकर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हो और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस। इस दिशा में पुलिस एक्शन लेती रही है और आगे भी लेती रहेगी।"
राजीव कृष्णा कार्यवाहक डीजीपी थे। रविवार को ही उन्हें स्थायी यानी पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया गया है। स्थायी डीजीपी बनने के बाद राजीव कृष्णा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में, उनकी और शासन की प्राथमिकताओं के तहत यूपी पुलिस काम कर रही है।
अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति रहेगी। महिलाओं, व्यापारियों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साइबर अपराधियों के प्रति कठोर कार्रवाई का सिलसिला बना रहेगा। कानून व्यवस्था बरकरार रहे। त्योहार शांतिपूर्वक तरीके से मनाए जाएं। दुर्घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए अनावश्यक जनहानि से बचा जा सके। यह सभी यूपी पुलिस की प्राथमिकताएं हैं, जिन पर पुलिस काम करती रही है और आगे भी करती रहेगी।
यूपी पुलिस के हौसले बुलंद
डीजीपी ने कहा कि, अपराधी जिस भाषा में बात करता है, यूपी पुलिस उसी भाषा में जवाब देती है। यूपी पुलिस के हौसले बुलंद हैं। मुख्य बात ये है कि कानून के दायरे में रहते हुए अपराधियों के प्रति कार्रवाई हो और अपराध के प्रति जोरी टॉलरेंस। इस दिशा में पुलिस कार्रवाई करती है और आगे भी करती रहेगी।
मुख्यमंत्री का जताया आभार
-पुलिस महानिदेशक बनाए जाने पर राजीव कृष्णा ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने डीजीपी यूपी के एक्स हैंडल पर लिखा कि, "माननीय मुख्यमंत्री जी के विश्वास एवं मार्गदर्शन में अपराध के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को और अधिक प्रभावी बनाना, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, जनसुरक्षा एवं जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाना मेरी प्रतिबद्धता है। यूपी पुलिस प्रदेशवासियों की सुरक्षा के लिए पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ निरंतर कार्य करती रहेगी।"
चार साल बाद स्थायी डीजीपी
मुकुल गोलय के बाद यूपी को चार साल बाद स्थायी डीजपी मिला है। वर्ष 2022 में मुकुल गोयल रिटायर हुए थे। उसके बाद से कार्यवाहक डीजीपी के जरिये ही राज्य की पुलिस व्यवस्था चलती आ रही थी। गत वर्ष जून 2025 में राजीव कृष्णा यूपी के कार्यवाहक डीजपी बने थे। एक साल बाद अब उन्हें स्थायी डीजीपी नियुक्त किया गया है। 1991 बैच के सीनिर आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्णा के पास कार्यवाहक डीजीपी रहते हुए भी कई प्रमुख जिम्मेदारियां थीं। उनके पास विजिलेंस महानिदेशक और पुलिस भर्ती, प्रमोशन बोर्ड के अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार भी रहा है।
