ओटीटी : समाज के अनदेखे सच को प्रदर्शित करती फिल्म 

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Published By Anjali Singh
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सहन : A Housewife’s Silence Has an Expiry Date- घरेलू हिंसा पर आधारित फिल्म उन अनगिनत महिलाओं की कहानी कहती है, जो घर की चारदीवारी के भीतर मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक प्रताड़ना का सामना करती हैं। निर्देशक प्रभाकर मीना पंत ने इस विषय को बेहद संवेदनशीलता और यथार्थ के साथ पर्दे पर उतारा है। फिल्म का केंद्र एक बेरोजगार अभिनेता और उसकी पत्नी हैं। पैर में चोट लगने के कारण अभिनेता घर पर है, लेकिन उसकी कुंठा और असफलता का बोझ उसकी पत्नी को झेलना पड़ता है। पत्नी हर परिस्थिति में उसका साथ देने की कोशिश करती है, फिर भी उसे सम्मान और अपनापन नहीं मिलता। 

चाय में चीनी कम होने जैसी छोटी-सी बात पर उसका अपमान करना या पत्नी की आर्थिक मदद को उसके पुरुष अहंकार के लिए चुनौती समझना, घरेलू हिंसा के उन रूपों को सामने लाता है, जो अक्सर दिखाई नहीं देते। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी और अभिनय है। हर किरदार वास्तविक लगता है और दर्शक को भावनात्मक रूप से जोड़कर रखता है। कहानी आगे बढ़ने के साथ घर के भीतर की घुटन, तनाव और असहायता भी बढ़ती जाती है, जिससे दर्शक लगातार किसी बदलाव या राहत की उम्मीद करता रहता है।

फिल्म केवल घरेलू हिंसा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि हलाला, भ्रूण हत्या और पितृसत्तात्मक सोच जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी सवाल उठाती है। इसके बावजूद यह कहीं भी भाषणात्मक नहीं लगती और अपनी पकड़ बनाए रखती है। पटकथा और संपादन कसे हुए हैं, हालांकि पृष्ठभूमि संगीत को और प्रभावशाली बनाया जा सकता था। कुल मिलाकर एक संवेदनशील, प्रभावशाली और विचारोत्तेजक फिल्म है, जो यह संदेश देती है कि सहनशीलता की भी एक सीमा होती है। यह फिल्म समाज के उस सच को सामने लाती है, जिसे अक्सर लोग देखने के बावजूद अनदेखा कर देते हैं।

 - समीक्षक- मोहित तिवारी 

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