18 जून तक मिलेगा निःशुल्क IAS-PCS कोचिंग का मौका, 865 सीटों पर होगी प्रवेश परीक्षा
समाज कल्याण विभाग की योजना से आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को मिल रहा अवसर
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित निःशुल्क आईएएस/पीसीएस कोचिंग योजना युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपलब्ध कराई जा रही इस सुविधा के प्रति अभ्यर्थियों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं।
प्रदेश सरकार की इस पहल का उद्देश्य आर्थिक अभाव के कारण सिविल सेवा का सपना अधूरा न रहने देना है। निजी कोचिंग संस्थानों की ऊंची फीस जहां कई प्रतिभाशाली युवाओं के सामने बाधा बनती है। निःशुल्क कोचिंग योजना उन्हें गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और बेहतर तैयारी का अवसर प्रदान कर रही है।
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह के अनुसार प्रदेश में आईएएस/पीसीएस कोचिंग के लिए कुल 865 सीटें निर्धारित की गई हैं। इनमें 25 प्रतिशत सीटें लेटरल एंट्री के माध्यम से उन अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं, जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है और मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक एक जून तक 5,513 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है, जबकि 2,848 अभ्यर्थियों ने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर फाइनल लॉक भी कर दिया है। आवेदन की अंतिम तिथि 18 जून निर्धारित की गई है, जबकि प्रवेश परीक्षा 5 जुलाई को आयोजित होगी।
महंगी कोचिंग की चुनौती से राहत
सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी संस्थानों में लाखों रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में समाज कल्याण विभाग की यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। इससे प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को समान अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ मार्गदर्शन भी
योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को निःशुल्क कोचिंग के साथ अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग चयन प्रक्रिया और कक्षाओं के संचालन को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने की तैयारी में जुटा है।
सामाजिक समावेशन को मिल रही मजबूती
प्रदेश सरकार का मानना है कि प्रशासनिक सेवाओं में विभिन्न वर्गों की भागीदारी बढ़ने से सामाजिक समावेशन को मजबूती मिलेगी। निःशुल्क कोचिंग योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है, जो प्रतिभाशाली युवाओं को उनके सपनों तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है।
