Moradabad News: सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा...आधे अभ्यर्थियों ने छोड़ा Exam, महज 5,915 परीक्षार्थी शामिल

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Published By Monis Khan
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा राजकीय महाविद्यालयों में सहायक आचार्य पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा को लेकर प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आया। शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली।

मुरादाबाद, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा राजकीय महाविद्यालयों में सहायक आचार्य पदों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षा जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा को लेकर प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आया। शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली। पुलिस बल की मौजूदगी में परीक्षार्थियों की गहन जांच के बाद ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। भर्ती परीक्षा के लिए जिले में कुल 11,271 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था,केवल 5,915 परीक्षार्थी ही परीक्षा देने पहुंचे, जबकि 5,356 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षार्थियों ने बताया पढ़ने वाले के लिए आसान प्रश्नपत्र।

रविवार को राजकीय महाविद्यालयों में सहायक आचार्य पदों के लिए भर्ती परीक्षा में 11,271 में से करीब आधे अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। परीक्षा समाप्त होने के बाद बाहर निकल रहे परीक्षार्थियों के चेहरों पर अलग-अलग भाव दिखाई दिए। कुछ परीक्षार्थी परीक्षा को संतुलित बता रहे थे तो कई के चेहरे पर मायूसी साफ नजर आ रही थी। अभ्यर्थियों के समूह परीक्षा केंद्रों के बाहर सवालों और संभावित उत्तरों पर चर्चा करते दिखाई दिए। परीक्षार्थियों ने बताया कि डेढ़ सौ अंकों के प्रश्नपत्र में कुल 120 सवाल पूछे गए थे। परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग लागू होने के कारण परीक्षार्थियों को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। एक प्रश्न का गलत उत्तर देने पर तीन सही उत्तरों के अंक कटने का प्रावधान होने से कई परीक्षार्थियों ने केवल उन्हीं सवालों को हल किया, जिनके उत्तर को लेकर वे पूरी तरह आश्वस्त थे।

कई परीक्षार्थियों का कहना था कि नेगेटिव मार्किंग के कारण परीक्षा का दबाव और बढ़ गया था। कई आसान सवालों में भी परीक्षार्थी भ्रमित होगए। परीक्षा में इतिहास विषय का वर्चस्व देखने को मिला। अभ्यर्थियों के अनुसार कुल 120 सवालों में लगभग 90 प्रश्न इतिहास से जुड़े हुए थे। प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास के साथ-साथ कुछ प्रश्न गहराई से पूछे गए थे, जिसने अभ्यर्थियों को उलझन में डाल दिया।इसके अलावा सामान्य अध्ययन, करंट अफेयर्स और रीजनिंग से जुड़े सवाल भी प्रश्नपत्र में शामिल किए गए थे। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि करंट अफेयर्स के कुछ सवाल अप्रत्याशित थे, जबकि रीजनिंग के प्रश्नों में समय अधिक लगा। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की तलाशी ली गई और उनके प्रवेश पत्र तथा पहचान पत्रों की जांच की गई। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा कराई गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी समय-समय पर केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

एसपी सिटी मुरादाबाद कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन ढंग से संपन्न हुई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई थी और परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी गई। कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली।परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिले। 

एटा की मोनिका वार्ष्णेय जलेसर ने कहा कि इतिहास विषय की अच्छी तैयारी थी। प्रश्नपत्र पढ़ने वाले विद्यार्थी के लिए आसान था। कुछ प्रश्न ऐसे थे, जिनमें विकल्प काफी मिलते-जुलते थे, जिससे सही उत्तर चुनने में भ्रम की स्थिति बनी रही। बिजनौर की सुहानी चौधरी ने बताया कि मैं पीएचडी कर रही हूं इसलिए प्रश्नपत्र आसान लगा 110 सवालों को हल करने में अधिक समय नहीं लगा। निगेटिव मार्किंग का ध्यान था जो दस सवालों पर डाउट था, वो नहीं किए।

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