जेईई एडवांस में लखनऊ के मेधावियों का दबदबा, इस स्कूल के सर्वाधिक 47 मेधावी छात्रों ने पाई कामयाबी

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ, अमृत विचार। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी (आईआईटी) में प्रवेश के लिए आयोजित ज्वाईंट इंट्रेंस एक्जाम (जेईई) एडवांस का परीक्षा परिणाम आईआईटी रुड़की ने जारी कर दिया है। जिसमें लखनऊ के मेधावी छात्र-छात्राओं ने भी शानदार कामयाबी हासिल की है। ऑल इंडिया रैंकिंग में अनवेश पटेल 68वें, शशांक सिंह 455वें नंबर पर हैं, जबकि अविशि पांडेय को 1246वीं रैंक हासिल हुई है।

अनवेश पटेल आईआईटी मुंबई या दिल्ली में प्रवेश लेना चाहते है। उन्होंने लखनऊ के एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान से अपनी तैयारी पूरी की है। आईआईटी रुड़की की ओर से जारी जेईई एडवांस्ड 2026 के रिजल्ट्स में सिटी मोन्टेसरी स्कूल के सर्वाधिक 47 मेधावी छात्रों ने लखनऊ का नाम रोशन किया है।

परीक्षाफल में सीएमएस छात्र साक्ष्य वंश, आशुतोष प्रताप सिंह, भानु प्रकाश वर्मा व नितान्त त्रिपाठी ने 5000 के अन्दर ऑल इंडिया रैंक अर्जित किया है। दूसरी ओर 28 छात्रों ने 10,000 के अंदर ऑल इंडिया रैंक अर्जित की है, जिनमें 16 छात्र सामान्य वर्ग के जबकि 12 छात्र आरक्षित वर्ग के हैं। सीएमएस के सर्वाधिक 39 छात्रों ने 25,000 के अंदर ऑल इंडिया रैंक अर्जित कर देश के टॉप इंजीनियरिंग कालेजों में अपना स्थान सुनिश्चित किया है।

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सीएमएस के इन मेधावियों ने भी पाई कामयाबी

जेईई एडवान्स परीक्षा में शीर्ष 10,000 28 मेधावियों में साक्ष्य वंश, आशुतोष प्रताप सिंह, भानु प्रकाश वर्मा, नितान्त त्रिपाठी, आरूष कुमार, रिषिथ रायजादा, अभ्युदय सार्थक, अभिनव सिंह, आदित्य सिंह, अनुज जैन, दिव्यांश महाजन, शिखर कुमार सिंह, प्रणव उपाध्याय, मोहम्मद सैम सुल्तान, सिद्धिमा शुक्ला, अर्णव सिंह, दीपक सिंह, उत्सव यादव, यश यादव, रोही सचान, अमरजोत सिंह, सुयश गौतम, अभिज्ञान चौधरी, आर्यन आजाद, कुशाग्र सिंह, आर्यन चौधरी, आयुष वर्मा और कार्तिकेय धीमान शामिल हैं।

क्या कहते हैं छात्र

लखनऊ में प्रथम और ऑल इंडिया में 68वें रैंक हासिल करने वाले अनवेश पटेल अब साफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं। वह बताते हैं कि 9 वीं कक्षा से ही उन्होंने आईआईटी का लक्ष्य तय किया था और नियमित 5 से 7 घंटा पढ़ाई करते थे।

लखनऊ के दूसरे टॉपर शशांक सिंह ऑल इंडिया 455वें नंबर पर हैं। वह आईआईटी में प्रवेश के बाद वैज्ञानिक बनना चाहते हैं और देश के लिए नए-नए आविष्कार और समाज उपयोगी नवाचारों को बढ़ावा देना चाहते हैं।

अविशि पांडेय लखनऊ में तीसरे स्थान पर हैं जबकि ऑल इंडिया में 1246वीं रैंक हैं। अविशि आगे चलकर विज्ञान के क्षेत्र में नए-नए शोध को बढ़ावा देना चाहती है। उनकी रुचि ड्रोन और एआई तकनीक में है जिसे आगे वह करियर बनाएंगी।

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