Ayodhya: रामनगरी में स्थापित 15 फिट के हनुमान जी की दुर्लभ प्रतिमा, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
- जानकी घाट में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु करते है दर्शन - त्रेतायुग में माता सीता को लंका में दिखाया था विराट स्वरूप
अयोध्या,अमृत विचार। रामनगरी के जानकी घाट क्षेत्र में ऐतिहासिक पीठ श्री बड़े हनुमान मंदिर है। जिसके गेट पर हनुमान जी की 15 फिट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बजरंगबली के चरण वंदन कर मंदिर में प्रवेश करते हैं। ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बजरंगबली का विशेष दिन माना गया है।
अयोध्या में श्री बड़े हनुमान मंदिर अत्यंत प्राचीन एवं दिव्य सिद्धपीठ है। इसका इतिहास महामंडलेश्वर त्रिवेणी दास से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि बजरंगबली ने महामंडलेश्वर त्रिवेणी दास को सपने में अपने उस विराट स्वरूप के दर्शन दिए थे। जो त्रेतायुग में माता सीता को लंका में दिखाया था। उसी दिव्य प्रेरणा से इस मंदिर की स्थापना की गई है। मंदिर में प्रवेश के पहले बजरंगबली पैरों से होकर जाना होता है। जहां गर्भगृह में राम दरबार में हनुमान जी के दर्शन प्राप्त होते है।
मंदिर के पुजारी छविराम दास कहते है कि इस मंदिर में भगवान की अलौकिक प्रतिमा विराजमान है। जहां पर प्रतिदिन करीब 15 हजार श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं। अयोध्या में बजरंगबली की यह सबसे बड़ी प्रतिमा है। इस मंदिर में प्रभु श्री राम के दर्शन से पहले बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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चार मंगलवार में छह लाख श्रद्धालुओं ने टेका माथा
ज्येष्ठ माह के मंगलवार पर राम नगरी में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। चार मंगलवार में सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी मंदिर में छह लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके है। वरिष्ठ पुजारी देवेशाचार्य के अनुसार अन्य दिनों में लगभग 60 हजार श्रद्धालु पहुंचते है, मंगलवार पर यह संख्या लाखों में पहुंच रही है। अनुमानित डेढ़ लाख तक लोगों ने बड़े मंगल पर दर्शन-पूजन किया है।
