Pilibhit News : करंट लगने के बाद तड़पता रहा संविदाकर्मी, अस्पताल पहुंचाने को नहीं दिया वाहन... मौत के बाद हंगामा
पीलीभीत, अमृत विचार। कलेक्ट्रेट परिसर में जिला पंचायत कार्यालय के पास फाल्ट ठीक करने के दौरान हुए हादसे ने एक संविदा लाइनमैन की जान ले ली। बताते हैं कि खंभे पर चढ़े लाइनमैन को करंट लगा और वह झटककर नीचे गिरा। आरोप है कि गंभीर रूप से घायल लाइनमैन काफी देर तक मौके पर ही तड़पता रहा, लेकिन समय पर अस्पताल ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था तक नहीं कराई गई। करीब बीस मिनट बाद एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया गया, जहां मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद जुटे परिजनों और अन्य संविदा कर्मियों की अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मदीना शाह निवासी 35 वर्षीय विजय राठौर पुत्र रामचंद्र राठौर पावर कॉरपोरेशन में संविदा पर लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे उन्हें एसडीओ कार्यालय से सूचना मिली कि कलेक्ट्रेट स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय के पास लाइन में फॉल्ट हो गया है। इस पर वह अपने साथी जर्नादन और रामबाबू के साथ लाइन ठीक करने के लिए पहुंच गए। विजय खंभे पर लाइन ठीक कर रहे थे। तभी अचानक लाइन में करंट आ गया और झटका लगने के साथ ही वह खंभे से नीचे गिर पड़ा। जिसमें वह गंभीर रुप से घायल हो गया। हादसा देखकर अन्य साथियों ने कलेक्ट्रेट स्थित कई कर्मचारी और अधिकारियों ने घायल को अस्पताल पहुंचने के लिए वाहन मांगा। आरोप है कि उन्हें वाहन मुहैया नहीं कराया गया, जबकि वहां कई वाहन खड़े हुए थे। करीब 20 मिनट तक वह तड़पता रहा और कर्मचारी उसे अस्पताल भिजवाने के लिए मदद की गुहार लगाते रहे। बाद में जब एंबुलेंस पहुंची तो उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया, वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। संविदा कर्मी की मौत होने के बाद तमाम अन्य कर्मचारी काम छोड़कर अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरु कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि अगर काम की उम्मीद संविदा कर्मी से की जाती है, तो उसकी जान की परवाह भी करनी चाहिए। इतना ही नहीं सरकारी लाइनमैन पर काम न करने के भी आरोप लगाए गए। सूचना पर पहुंचे एक्सईन आशीष यादव समेत अन्य अधिकारियों से भी कर्मचारियों और परिजनों की काफी नोकझोंक हुई। भीड़ को देखते हुए अस्पताल में भारी पुलिस बल एकत्र हो गया। काफी देर तक चली वार्ता के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया। हादसे के बाद मृतक के परिजन का रोकर बुरा हाल रहा।
अब हम नहीं ठीक करेंगे अफसरों की बिजली!
साथी कर्मचारी की मौत के बाद पावर कॉरपोरेशन के संविदाकर्मियों में खासा आक्रोश दिखा। कलेक्ट्रेट परिसर में घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन न देने पर नाराजगी अधिक रही। यही वजह रही कि सब शांत कराने के बाद पोस्टमार्टम हादस पर देर शाम दोबारा संविदाकर्मी भड़क गए और हंगामा कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि जब जिममेदार संविदाकर्मी को अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन नहीं दे सकते तो वह भी जिम्मेदारों की बिजली खराब होने पर ठीक करने नहीं जाएंगे। इसकी जानकारी मिलने पर अधिशासी अभियंता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और सभी को समझाकर शांत कराया।
बिना सेफ्टी किट के भेजे जा रहे कर्मचारी
पावर कारपोरेशन में लाइनमैन और बिजली से जुड़ा काम करने वाले कर्मचारियों को सेप्टी किट उपलब्ध कराई जाती है। जिसमें इंसुलेटेड ग्लव्स,इंसुलेटेड सेफ्टी हेलमेट, फेस शील्ड और सेफ्टी गॉगल्स, फ्लेम रेसिस्टेंट और हाई-विजिबिलिटी जैकेट, सेफ्टी बेल्ट,इंसुलेटेड जूते,वोल्टेज टेस्टर और मल्टीमीटर,अर्थिंग रॉड और चेन,सुलेटेड स्टिक या रेस्क्यू रॉड और लॉक आउट/टैगआउट किट होते हैं। मगर जिले में अधिकतर कर्मचारियों के पास सेप्टी किट उपलब्ध नहीं है। मृतक विजय भी बिना किट के ही काम कर रहे थे। पूर्व में कई हादसे हो चुके है।जिनमें बिना किट के ही काम करते हुए कर्मियों के करंट लग चुका है। अभी तीन दिन पहले ही एक मामला सामने आया था, जिसमें संविदाकर्मी अचानक करंट चालू होने के बाद झुलस गया था। साथी कर्मचारी की मौत के बाद संविदाकर्मियों में गम के बीच आक्रोश भी दिखा। उन्होंने सूचनाओं के आदान प्रदान को बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप पर भी कर्मचारियों के लिए किट मुहैया कराने की मांग एक्सईएन से की है।
लाइन ठीक करते वक्त संविदा कर्मी की मौत हुई है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर परिजनों और अन्य कर्मचारियों से वार्ता की गई है। शटडाउन लेकर कर्मचारी सर्विस लाइन पर काम कर रहा था। संभवत: जनरेटर या इनवेटर का करंट बैक हुआ है। फिलहाल मामले की जांच विद्युत सुरक्षा विभाग करेगा। साथ ही मृतक को मुआवजा दिलाने के साथ हरसंभव मदद दी जाएगी। - आशीष यादव, अधिशासी अभियंता।
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