सरकारी वकीलों का बढ़ा मानदेय : यात्रियों को ई-बसों की सौगात, योगी कैबिनेट में मक्के की नई MSP समेत 24 प्रस्ताव मंजूर
18 शहरों में 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी, पांच नई जेलों को मंजूरी, वाहन स्वामियों को ओटीएस से राहत...कैबिनेट ने इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को भी हरी झंडी दी है। इससे प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ेगा।
लखनऊ, अमृत विचार । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकारी वकीलों का मानदेय बढ़ाने का अहम फैसला लेते हुए यात्रियों को भी ई-बसों की सौगात दी गई। जबकि किसानों को मक्का का एमएसपी 2225 रुपये से बढ़ाकर 2400 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया। इसके अलावा पांच नई जेलों को मंजूरी के साथ वाहन स्वामियों को ओटीएस योजना से भारी राहत दी गई है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि एक रोडवेज का प्रस्ताव को छोड़कर शेष सभी प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय और भत्तों में उल्लेखनीय वृद्धि
योगी सरकार ने जिला न्यायालय से लेकर उच्चतम न्यायालय तक राज्य सरकार की ओर से पैरवी करने वाले सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय और भत्तों में उल्लेखनीय वृद्धि को मंजूरी दी है। लंबे समय से लंबित इस मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के विधि अधिकारियों की रिटेनरशिप और प्रति सुनवाई शुल्क में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है।
जिला न्यायालयों में कार्यरत शासकीय अधिवक्ताओं की मासिक रिटेनरशिप 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 14 हजार रुपये तक किए जाने का निर्णय लिया गया है। उनकी प्रति सुनवाई फीस 1650 रुपये से बढ़कर 2500 रुपये होगी। अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ताओं (एडीजीसी) की रिटेनरशिप 7200 रुपये से बढ़ाकर 11 हजार रुपये तथा प्रति सुनवाई शुल्क 1500 रुपये से बढ़ाकर 2300 रुपये किया जाएगा। इसी प्रकार महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) की रिटेनरशिप 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये प्रतिमाह और प्रति सुनवाई शुल्क 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये किए जाने का निर्णय लिया गया है।
मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा
कैबिनेट ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2225 रुपये से बढ़ाकर 2400 रुपये प्रति कुंतल कर दिया है। मक्का की सरकारी खरीद 15 जून से 31 जुलाई तक की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और आय में वृद्धि होगी। बैठक में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए 18 शहरों में 1725 नई एसी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दी गई। लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, वाराणसी और गोरखपुर समेत प्रमुख शहरों में ये बसें चलेंगी। इनके लिए डिपो निर्माण की जिम्मेदारी भी सरकार स्वयं उठाएगी।
नई जेलों के निर्माण को मंजूरी
कैबिनेट ने मुरादाबाद, ललितपुर, कानपुर नगर, औरैया और भदोही में नई जेलों के निर्माण को मंजूरी दी। इसके अलावा जेलों में बंदियों की मृत्यु से संबंधित नई मुआवजा नीति को भी स्वीकृति दी गई। आपसी हिंसा या उपचार में लापरवाही के कारण मृत्यु होने पर आश्रितों को पांच लाख रुपये और आत्महत्या की स्थिति में तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। परिवहन विभाग की एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना को भी मंजूरी मिली है। इसके तहत लगभग 8.50 लाख बकायेदार वाहन स्वामियों को राहत मिलेगी। योजना में पेनाल्टी की शत-प्रतिशत माफी के साथ मूल कर में भी आंशिक छूट का प्रावधान किया गया है।
कानपुर समेत 18 शहरों में 1725 इलेक्ट्रिक बसों का होगा संचालन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में सकल लागत अनुबंध (जीसीसी) मॉडल के तहत 1725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन किया जाएगा। इससे संबंधित प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार शाम को मंत्रिमंडल की हुई बैठक में मुहर लगाई गई। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य नगरीय परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और यात्री सुविधाओं के अनुरूप बनाना है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक योजना के तहत आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी तथा नोएडा (जेवर सहित) में 9 मीटर और 12 मीटर श्रेणी की कुल 1725 वातुनकूलित (एसी) इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा।
